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राष्ट्रपति चुनावों के लिए सरगर्मियां तेज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति पद के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही विभिन्न राजनीतिक दल इस संबंध में घोषणाएं कर सकते हैं. राष्ट्रपति पद के मुददे पर ही दिल्ली मे शुक्रवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक हो रही है जबकि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती भी दिल्ली में आज एक प्रेस कांफ्रेंस करने वाली हैं. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि मायावती इस प्रेस कांफ्रेंस में राष्ट्रपति पद के बारे में कोई घोषणा करेंगी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद राष्ट्रपति पद के लिए वोटों की संख्या काफी बदल गई है और अब बहुत कुछ मायावती की पार्टी बसपा के वोटों पर भी निर्धारित है. इससे पहले एनडीए की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को इस संबंध में कोई फ़ैसला करने के लिए अधिकृत किया गया है. वाजपेयी ने एक समारोह में साफ कर दिया है कि वो इस पद की दौड़ में नहीं हैं क्योंकि उनके नाम पर सर्वसम्मति नहीं है. उनका यह भी कहना था कि राष्ट्रपति पद के लिए सर्वसम्मति से किसी का चुनाव होना चाहिए. फिलहाल राजनीतिक आकड़ों से नहीं लगता कि राष्ट्रपति का चुनाव सर्वसम्मति से हो सकेगा. सीपीएम पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक में किन नामों पर चर्चा होती है इस पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है लेकिन पूर्व में वामपंथी पार्टी ने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने नाम पर सहमति जताई थी. हालांकि कांग्रेस ने अभी तक इस बारे में किसी के नाम की घोषणा नहीं की है. | इससे जुड़ी ख़बरें कलाम के नेतृत्व में मृतकों को श्रद्धांजलि18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'नियंत्रण रेखा पर आर्थिक क्षेत्र बने'28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'संबंधों को प्रभावित नहीं होने देंगे'23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बच्चों के साथ क्रूरता बर्दाश्त नहीं:कलाम25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सिंगुर पर राष्ट्रपति से मिले एनडीए नेता28 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति की सभा में ज़हर पिया25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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