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शुक्रवार, 23 फ़रवरी, 2007 को 12:31 GMT तक के समाचार
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'संबंधों को प्रभावित नहीं होने देंगे'
राष्ट्रपति कलाम
राष्ट्रपति कलाम ने अपने संबोधन में महँगाई पर चिंता जताई
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट से भारत- पाकिस्तान संबंधों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा.

संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने समझौता एक्सप्रेस पर हुए हमले पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार इन चुनौतियों से सख्ती से निपटेगी और उम्मीद जताई कि भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया ऐसी घटनाओं से प्रभावित नहीं होगी.

उनका कहना था,'' हम इस दुखद घटना को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को सामान्य होने की दोनों देशों इच्छा के आड़े नहीं आने देंगे.''

राष्ट्रपति कलाम ने कहा कि देश की सुरक्षा और ख़ुफिया एजेंसियों ने कई चरमपंथी गुटों के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है. लेकिन मुंबई, असम और अभी हाल ही में समझौता एक्सप्रेस पर हमले की दुखद और कायरतापूर्ण घटनाएं भी हुई हैं.

 मेरी सरकार चरमपंथ और उग्रवाद से उत्पन्न चुनौतियों को स्वीकार करती है और उनसे निपटने के लिए कृत संकल्प है
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम

उन्होंने कहा कि सरकार सामने आई इन चुनौतियों से सख्ती से निपट रही है.

कलाम ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर और उत्तर पूर्व के लोगों की कठिनाइयों को दूर करने की कोशिश करेगी. साथ ही चरमपंथी ताकतों पर कड़ी नजर रखेगी.

उनका कहना था कि सरकार यह सुनिश्चित करने को सर्वोच्च महत्व देती है कि सभी एजेंसियां कठिनतम परिस्थितियों में भी बुनियादी मानवाधिकारों का सम्मान करें.

राष्ट्रपति कलाम ने कहा,'' मेरी सरकार चरमपंथ और उग्रवाद से उत्पन्न चुनौतियों को स्वीकार करती है और उनसे निपटने के लिए कृत संकल्प है.''

महँगाई पर चिंता

बजट सत्र की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में आर्थिक वृद्धि की दर नौ फ़ीसदी रहने की उम्मीद है. साथ ही सरकार महँगाई पर काबू पाने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

 विकास और इसका लाभ सभी वर्गों को मिले और महँगाई काबू में रहे इस बारे में सरकार प्रतिबद्ध है
राष्ट्रपति अब्दुल कलाम

राष्ट्रपति कलाम ने कहा कि विकास और इसका लाभ सभी वर्गों को मिले और महँगाई काबू में रहे इस बारे में सरकार प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा,'' सरकार ऐसे सभी क़दम उठाएगी जिससे ग़रीब इससे प्रभावित नहीं हो पाएं.''

मुंबई बम धमाकों का जिक्र आते ही शिव सेना सांसद खड़े हो गए और उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण में व्यवधान डाला और वे खड़े होकर जोर-जोर से अपनी बात कहने लगे.

लेकिन राष्ट्रपति पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वो अपनी बात कहते रहे.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति का अभिभाषण केंद्र सरकार की नीतियों को स्पष्ट करता है और इस पर संसद के दोनों सदनों में बहस होती है.

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