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सिंगुर पर राष्ट्रपति से मिले एनडीए नेता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विपक्षी एनडीए गठबंधन के नेताओं ने गुरुवार को राष्ट्रपति से मिलकर सिंगुर में प्रस्तावित कार कारखाना बनाने के मुद्दे पर अपना विरोध व्यक्त किया है. एनडीए के नेताओं ने सिंगुर में कार कारखाना बनाने के बजाए लोगों को उनकी ज़मीन वापस दिए जाने की माँग की. एनडीए के नेता माँग कर रहे हैं कि पश्चिम बंगाल सरकार लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें ज़मीन लौटा दे और प्रस्तावित कार कारखाने के लिए टाटा कंपनी को कहीं और ज़मीन दी जाए. इससे पहले बुधवार को एनडीए के नेताओं ने प्रधानमंत्री से भी यह माँग रखी कि वो राज्य की वामपंथी नेतृत्ववाली सरकार से उन लोगों से बातचीत शुरू करने के लिए कहें जो कि इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं. भूख हड़ताल उधर सिंगुर में इस परियोजना के विरोध में तृणमूल काँग्रेस नेता ममता बैनर्जी पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी हैं. 25 दिनों से कुछ भी न खाने के चलते उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है. उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही है और डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम की मदद भी देनी पड़ सकती है. पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने उनसे अनुरोध भी किया था कि वो अपनी हड़ताल वापस ले लें पर उन्होंने इस अनुरोध को ठुकरा दिया. इसके विपरीत राज्य के मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित कारखाने की योजना को वापस लेने से इनकार करते हुए टाटा कंपनी से कहा है कि वो भूमि का अधिग्रहण करके अपना काम शुरू करें. | इससे जुड़ी ख़बरें हड़ताल पर बैठी ममता की हालत बिगड़ी27 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बंद नहीं होगीं सरकारी कंपनियाँ: मनमोहन24 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस ममता ने प्रधानमंत्री का अनुरोध ठुकराया24 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीबीआई करेगी सिंगुर कांड की जाँच19 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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