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ममता ने प्रधानमंत्री का अनुरोध ठुकराया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिंगूर में टाटा मोटर्स के कारखाने के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठी तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने भूख हड़ताल ख़त्म करने के प्रधानमंत्री के अनुरोध को ठुकरा दिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में सिंगूर में भूमि अधिग्रहण का विरोध करने के लिए पिछले 21 दिन से भूख हड़ताल पर हैं. संसदीय मामलों के मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी रविवार को ममता बनर्जी से मिले और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से एक पत्र उन्हें सौंपा. इस पत्र में कहा गया था कि बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे का सकारात्मक हल निकलेगा. लेकिन ममता बनर्जी का कहना था कि पश्चिम बंगाल की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सरकार को उन्हें आश्वासन देना होगा कि वह विवादित ज़मीन ज़मीन के मालिकों को लौटा देगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वे न तो किसी बातचीत में भाग लेंगी और न ही अपनी भूख हड़ताल ख़त्म करेंगी. ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि केंद्र सरकार उस क़ानून में बदलाव करे जिसके तहत सरकार ज़मीन के मालिकों से उनकी सहमति के बिना भी भूमि अधिग्रहण कर सकती है. इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह भी ममता बनर्जी से भूख हड़ताल ख़त्म करने की अपील कर चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत का अधिकारी तंत्र भी बदल रहा है'30 जुलाई, 2004 | कारोबार अर्थव्यवस्था में जान फूँकेंगेः मनमोहन24 अगस्त, 2004 | कारोबार अंतिम व्यक्ति को प्राथमिकता देनी होगी - ज्याँ द्रेज़06 जुलाई, 2004 | कारोबार विदेश नीति में आर्थिक विकास की भूमिका24 अप्रैल, 2006 | कारोबार नौ फ़ीसदी विकास दर का लक्ष्य09 दिसंबर, 2006 | कारोबार टाटा मोटर्स की परियोजना विवादों में18 दिसंबर, 2006 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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