|
फ़र्ज़ी मुठभेड़ की जाँच सीबीआई को नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले की जाँच सीबीआई को सौंपने से इनकार करते हुए गुजरात की सीआईडी अफ़सर गीता जौहरी को ही जाँच जारी रखने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गीता जौहरी को इस मामले की जाँच के लिए गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से निर्देश लेने की ज़रुरत नहीं है. अदालत ने गीता जौहरी को जाँच की अंतिम रिपोर्ट देने के लिए तीन जुलाई तक का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी. इससे पहले गुजरात की सीआईडी की जाँच रिपोर्ट का विवरण देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संतुष्टि जताई थी. सोहराबुद्दीन शेख़ के भाई ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके इस मामले की सीबीआई जाँच की माँग की थी लेकिन गुजरात सरकार मामले की सीबीआई जाँच का विरोध कर रही थी. गुजरात सरकार का कहना रहा है कि वह इस मामले की जाँच करने में सक्षम है. पिछले मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले की जाँच चार से छह हफ़्तों में पूरी कर ली जाएगी. गुरूवार को न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी और न्यायमूर्ति पीके बालासुब्रमण्यन के एक पीठ ने अपने फ़ैसले में कहा कि सीआईडी अधिकारी गीता जौहरी स्वतंत्र रुप से इस मामले की जाँच जारी रखें. अदालत ने गीता जौहरी को इस मामले में डीजीपी से निर्देश लेने की ज़िम्मेदारी से मुक्त किया है और कहा है कि वह राज्य पुलिस की अनुमति के बिना भी गिरफ़्तारियाँ कर सकती हैं. फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामला रिपोर्टों के अनुसार 26 नवंबर 2005 को गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राजस्थान पुलिस की कार्रवाई में सोहराबुद्दीन शेख़ मारे गए थे. मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने भाई की लापता पत्नी क़ौसर बी को पेश करने के लिए गुजरात पुलिस को निर्देश देने का अनुरोध किया था.
इसके बाद तीन आईपीएस अधिकारियों - डीजी वंज़ारा, राजकुमार पांडियन और दिनेश कुमार एमएन - को इस मामले में गिरफ़्तार किया गया था जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं. बाद में गुजरात पुलिस ने अदालत में स्वीकार किया कि कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए सोहराबुद्दीन की पत्नी क़ौसर बी की हत्या हो चुकी है और उसके शव को जला दिया गया था. मामले की जाँच फिलहाल गुजरात की अपराध जाँच शाखा यानी सीआईडी कर रही है. इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और संसद के मौजूदा सत्र में भी इस मामले को उठाया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में एसपी निलंबित16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में फ़ैसला सुरक्षित15 मई, 2007 | भारत और पड़ोस आईपीएस अधिकारियों की हिरासत बढ़ी05 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' की रिपोर्ट के लिए दो हफ़्ते03 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्ज़ी मुठभेड़': आठ पुलिसकर्मी गिरफ़्तार03 मई, 2007 | भारत और पड़ोस फ़र्ज़ी मुठभेड़ की सीबीआई जाँच की माँग01 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्जी मुठभेड़' मामले में नया मोड़27 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गिरफ़्तार24 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||