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ढाका पहुँचने पर हसीना का भव्य स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ढाका पहुँच गई हैं. ढाका पहुँचने पर हज़ारों की संख्या में एकत्र लोगों ने उनका स्वागत किया. पिछले दिनों अंतरिम सरकार ने उनकी स्वदेश वापसी पर पाबंदी लगा दी थी. लेकिन बाद में दबाव के आगे झुकते हुए उन पर लगी पाबंदी हटा ली गई थी. लंदन से ढाका के ज़िया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद शेख़ हसीना ने कहा कि वे स्वदेश लौटकर काफ़ी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा, "ये मेरा देश है. ये मेरा घर है. अपने देश लौटकर मैं बहुत उत्साहित हूँ." एक सप्ताह पहले शेख़ हसीना लंदन से ढाका के लिए उड़ान नहीं भर पाई थी. क्योंकि बांग्लादेश की सरकार ने सभी विमानसेवाओं से अपील की थी कि वे शेख़ हसीना को अपने विमान पर जगह ना दें. शेख़ हसीना पर चार विपक्षी कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप लगाया गया है और मामला अदालत में चल रहा है. अदालत ने तो इस मामले में शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट भी जारी किया था. हालाँकि फ़िलहाल इस पर रोक है और आगे की जाँच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी. अंतरिम सरकार का कहना था कि शेख़ हसीना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं. आपातकाल लेकिन बाद में सरकार ने ही पाबंदी हटाई और अब शेख़ हसीना वापस स्वदेश पहुँच गई हैं. इस साल जनवरी में अंतरिम सरकार ने चुनाव रद्द करते हुए आपातकाल लगा दिया था. आपातकाल के दौरान सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक है. अंतरिम सरकार का कहना है कि बांग्लादेश में चुनाव 2008 के अंत तक ही हो सकते हैं. इस बीच सरकार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान चला रही है. सेना के समर्थन से चल रही इस सरकार ने अभी तक 150 से ज़्यादा शीर्ष राजनेताओं, नौकरशाहों और उद्योगपतियों को गिरफ़्तार किया है. इस बीच पुलिस का कहना है कि चार विपक्षी कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में भले ही उनकी गिरफ़्तारी पर फ़िलहाल रोक है लेकिन फिरौती वसूलने के एक मामले में उन्हें गिरफ़्तार किया जा सकता है. दूसरी ओर 22 अप्रैल को लंदन से उड़ान न भर पाने के कारण शेख़ हसीना ने क्षतिपूर्ति के लिए ब्रिटिश एयरवेज़ पर 20 लाख डॉलर का दावा करने का मन बनाया है. बांग्लादेश सरकार की अपील के कारण ब्रिटिश एयरवेज़ ने शेख़ हसीना को विमान पर बैठने नहीं दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में रेलवे स्टेशनों पर विस्फोट01 मई, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में प्रतिबंध हटाने का स्वागत25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस शेख हसीना के ख़िलाफ़ वारंट पर रोक23 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस ख़ालिदा ज़िया का बेटा गिरफ़्तार16 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में पूर्व मंत्री गिरफ़्तार13 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ हत्या का आरोप11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश में 18 महीनों तक चुनाव नहीं'05 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस चुनावी लोकतंत्र नहीं चाहते सेनाध्यक्ष 02 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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