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बांग्लादेश में रेलवे स्टेशनों पर विस्फोट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश के तीन रेलवे स्टेशनों पर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए हैं. अधिकारियों के अनुसार तीनों स्टेशनों को खाली करा लिया गया है. एक व्यक्ति के घायल होने की ख़बर मिली है. समाचार एजेंसियों के अनुसार विस्फोट ढाका के कमलापुर स्टेशन, उत्तर-पूर्व में सिलहट रेलवे स्टेशन और दक्षिण-पूर्व में चटगाँव स्टेशन पर हुए हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार विस्फोट स्थलों के पास से पर्चे पर चरमपंथी नारे लिखे हुए मिले हैं और इसमें विस्फोट के पीछे अल-क़ायदा के नेटवर्क होने का दावा किया गया है. इन पर्चों पर लिखा था,''अगर 10 मई तक पैगंबर मोहम्मद को दुनिया में सर्वोच्च घोषित नहीं किया गया तो स्वयंसेवी संस्थाओं पर हमले किए जाएंगे.'' बरामद पर्चों में इस्लामी चरमपंथी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन ने बम धमाकों की ज़िम्मेदारी ली थी. हालाँकि, सरकार ने इस बारे में फ़िलहाल कुछ नहीं कहा है. पर्चों में कहा गया था कि वो बांग्लादेश में इस्लामी क़ानून लागू करने की लड़ाई लड़ रहा है. बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से सिलसिलेवार ढंग से बम विस्फोट हो रहे हैं जिनके लिए सरकार ने इस्लामी संगठनों को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस वर्ष 28 जनवरी को राजधानी ढाका में हुए एक बम धमाके में छह लोग घायल हो गए थे. जबकि वर्ष 2005 के आख़िरी पाँच महीनों में बांग्लादेश में 400 से ज़्यादा धमाके हुए थे जिनमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे. दो साल पहले हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए ज़िम्मेदार छह चरमपंथियों को इस साल 30 मार्च को फाँसी भी दी गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में प्रतिबंध हटाने का स्वागत25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस लंदन से उड़ान नहीं भर पाईं शेख़ हसीना22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस देश छोड़ कर जा सकती हैं ख़ालिदा ज़िया17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में पूर्व मंत्री गिरफ़्तार13 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश में 18 महीनों तक चुनाव नहीं'05 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में सेना तैनात की गई09 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में धमाका, छह घायल28 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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