|
गोलीबारी में दो अमरीकी सैनिक मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के निकट अफ़ग़ान सेना की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई जिसमें दो अमरीकी सैनिक मारे गए हैं. पुल-ए-चर्खी ज़ेल के निकट हुई इस गोलीबारी में दो अन्य अमरीकी सैनिक घायल भी हो गए. हालाँकि जेल की सुरक्षा में तैनात अफ़ग़ान सैनिकों ने हमलावर को भी मार दिया. अफ़ग़ानिस्तान में तैनात गठबंधन सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती संकेतों के मुताबिक हमलावर 'असंतुष्ट' जवान था लेकिन उसकी मंशा क्या थी, ये पता नहीं है. मारे गए अमरीकी सैनिक अधिकारियों की उस टीम में शामिल थे जो अफ़ग़ान सेना को जेल के अति संवेदनशील हिस्से की सुरक्षा का प्रशिक्षण दे रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक यह हिस्सा उन अफ़ग़ान क़ैदियों के लिए विशेष तौर पर तैयार किया गया है जो अभी क्यूबा के ग्वांतानामो बे बंदी शिविर में हैं. समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक गठबंधन सेना के प्रवक्ता शेल्डन स्मिथ ने कहा, "संकेत यही हैं कि हमलावर अफ़ग़ान नेशनल आर्मी का जवान था. अफ़ग़ान सेना हमारी सहयोगी है और इस घटना की जाँच में सहयोग कर रही है." अफ़ग़ानिस्तान से तालेबान शासन ख़त्म होने के बाद अल क़ायदा और तालेबान के सैंकड़ों संदिग्ध चरमपंथियों को इसी जेल में रखा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें आठ अफ़ग़ान पुलिसकर्मी मारे गए06 मई, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या03 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथियों' के मारे जाने के बाद प्रदर्शन30 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस नैटो ने विवादित विज्ञापन वापस लिया25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में विस्फोट, छह मरे22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल में अफ़ग़ान पत्रकारों का प्रदर्शन18 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||