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अफ़ग़ानिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने गोली मारकर सीनेटर अब्दुल सबूर फ़रीद की हत्या कर दी है. वे 15 वर्ष पहले कुछ समय के लिए देश के प्रधानमंत्री भी रहे थे. अधिकारियों के अनुसार अब्दुल फ़रीद को बुधवार की रात काबुल में उनके घर के बाहर हमलावरों ने गोली मार दी. अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है. अफ़ग़ानिस्तान की संसद के ऊपरी सदन के सदस्य अब्दुल फ़रीद 1992 में एक महीने के लिए प्रधानमंत्री रहे थे. हाल के दिनों मे अफ़गानिस्तान में हिंसा में बढ़ोतरी हुई है. पिछले वर्ष वहाँ तक़रीबन चार हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने अब्दुल फ़रीद को तीन गोलियाँ मारे जाने की आवाज़ें सुनीं. जब उन्हें गोली मारी गई वे घर से मस्ज़िद जाने के लिए निकले थे. अब्दुल फ़रीद के बेटे तैयद फ़रीद ने समाचार एजेंसी एपी को बताया,''मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि उनकी हत्या हो चुकी है. हमलावरों ने उन पर टोयटा कोरोला कार से गोलियाँ चलाईं.'' सीनेटर नफ़त ग़ुल ने एपी के साथ बातचीत में हत्या की निंदा करते हुए कहा, ''अफ़ग़ानिस्तान सरकार को सीनेटरों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए.'' पुलिस का कहना है कि गोलीबारी की जाँच की जा रही है पर फ़िलहाल हत्या की वजह का पता नहीं चला है. अब्दुल फ़रीद कपीसा के उत्तरी सीमांत क्षेत्र का प्रतिनिधत्व करते थे. वहीं से वे मुजाहिदीन के वरिष्ठ कमांडर भी हुआ करते थे. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में 'आम नागरिक मारे गए'01 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथियों' के मारे जाने के बाद प्रदर्शन30 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान ने तीन को खुलेआम फाँसी दी01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस नैटो का तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान नागरिकों की मौत से नाराज़गी04 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्व मुजाहिदीन के समर्थन में प्रदर्शन23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस युद्ध अपराधियों को माफ़ी पर सहमति20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान की हिंसा में कमी: करज़ई14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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