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आठ अफ़ग़ान पुलिसकर्मी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के फ़राह प्रांत में छह घंटों तक चले संघर्ष में आठ अफ़ग़ान पुलिसकर्मी और कम से कम चार तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. इस झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं. पुलिस का कहना है कि संघर्ष तब शुरू हुआ जब बाला बलुक इलाक़े में सुरक्षाकर्मियों पर घात लगा कर हमला किया गया. फ़राह प्रांत के पुलिस प्रमुख जनरल सैयद आग़ा साक़िब ने 17 तालेबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया लेकिन सिर्फ़ चार के शव बरामद किए जा सके हैं. पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान का इस इलाक़े में अब तक हिंसा की घटनाएँ कम हुई हैं. जनरल साक़िब का कहना है कि मारे गए दो चरमपंथी पड़ोसी हेलमंद प्रांत से आए थे जहाँ नैटो सेना अपना अभियान चला रही है. कुछ दिन पहले ही क़ाबुल में हथियारबंद लोगों ने गोली मारकर सीनेटर अब्दुल सबूर फ़रीद की हत्या कर दी थी. वे 15 वर्ष पहले कुछ समय के लिए देश के प्रधानमंत्री भी रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान सांसदों ने ख़ुद को बचाया31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अमरीका नैटो को मदद करने पर राज़ी 25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल एक्सप्रेस के ख़िलाफ़ लंदन में प्रदर्शन23 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मुल्ला उमर पर दावा ग़लत: पाकिस्तान18 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'मुल्ला उमर पाकिस्तान में छिपे हैं'17 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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