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आईपीएस अधिकारी पुलिस हिरासत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में एक फ़र्ज़ी मुठभेड़ के मामले में गिरफ़्तार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अधिकारियों को बुधवार को एक मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. गुजरात सीमा क्षेत्र के उपमहानिरीक्षक डीजी वंजारा, गुप्तचर एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात पुलिस अधीक्षक राजकुमार पांड्यन, राजस्थान पुलिस के दिनेश कुमार एमएन को सीआईडी ने मंगलवार को गिरफ़्तार किया था. तीनों अभियुक्तों को सोराबुद्दीन शेख की हत्या के आरोप में मंगलवार को गिरफ़्तार किया गया था. सोराबुद्दीन कथित तौर पर 26 नवंबर 2005 को गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में मारा गया था. उस समय वंजारा एटीएस के प्रमुख थे और पांड्यन उनके नायब थे. सात दिन का 'रिमांड' इन तीनों अधिकारियों को बुधावार को अदालत में पेश किया गया. अभियोजन पक्ष ने इस मामले की और छानबीन करने के लिए तीनों को 14 दिन की हिरासत में भेजने की माँग की. लेकिन अदालत ने उन्हें सात दिन के लिए यानी एक मई तक पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश दिए. मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट केजे उपाध्याय की खचाखच भरी अदालत में पेश किए जाने के दौरान तीनों अभियुक्त शांत नज़र आ रहे थे. अदालत परिसर में भी तीनों अभियुक्तों ने चुप्पी साधे रखी और संवाददाताओं के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. जाँच एटीएस की दलील थी कि सोराबुद्दीन का संबंध चरमपंथी संगठन लश्करे तैयबा से है और उसे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के इरादे से गुजरात भेजा गया था. पुलिस की इस कार्रवाई को फ़र्ज़ी मुठभेड़ बताते हुए सोराबुद्दीन के भाई ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय की फरियाद की थी. इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीआईडी को इसकी जाँच के निर्देश दिए थे. आदेश जारी होने के बाद इस पूरे मामले की छानबीन की गई और सीआईडी जाँच में पुलिस के पक्ष में कई खामियाँ पाई गईं. | इससे जुड़ी ख़बरें तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गिरफ़्तार24 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बाबू भाई कटारा पुलिस हिरासत में 19 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस पार्टी से निलंबित किए गए बाबूभाई कटारा18 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस पत्नी के पासपोर्ट पर पति के साथ 'वो'18 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्जी मुठभेड़' मामले में आरोप पत्र12 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले की सेना करेगी जाँच04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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