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'फ़र्जी मुठभेड़' मामले में आरोप पत्र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर की पुलिस का कहना है कि पिछले साल एक आम नागरिक की 'हत्या' के मामले में पाँच सैनिकों और पाँच पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाखिल किया गया है. आरोप है कि मौलवी शौकत नाम के इस व्यक्ति को फ़र्जी मुठभेड़ में मार दिया गया. श्रीनगर की अदालत में दायर आरोपपत्र के मुताबिक़ पिछले साल अक्तूबर में मौलवी शौकत को अगवा कर लिया गया और एक फ़र्जी मुठभेड़ में उन्हें मार दिया गया. बाद में उन्हें एक पाकिस्तानी चरमपंथी अबू ज़ाहिद बताकर श्रीनगर से 50 किलोमीटर दूर दफ़ना दिया गया. इस साल फरवरी में लापता लोगों के रिश्तेदार ने जब विरोध प्रदर्शन किया, तो क़ब्र खोदकर शौकत के शरीर के अवशेष निकाले गए. जाँच बाद में डीएनए जाँच में इसकी पुष्टि भी हो गई कि मौलवी शौकत को ही वहाँ दफ़नाया गया था. जिन सैनिक और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, उनमें कई वरिष्ठ अधिकारी हैं. कर्नल विक्रम सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एचआर परिहार भी इन लोगों में शामिल हैं. एक व्यक्ति की हत्या के मामले में परिहार पर पहले ही जाँच चल रही है. पुलिस उपमहानिरीक्षक फ़ारूक़ अहमद ने बताया, "इन लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश, अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया है." हालाँकि आरोपपत्र में जिन सैनिक अधिकारियों के नाम हैं, उन्हें अभी तक गिरफ़्तार नहीं किया गया है. सेना उनके ख़िलाफ़ कोर्ट मार्शल का आदेश दे सकती है या अदालत में मामला भेज सकती है. कुछ महीने पहले ऐसे ही एक कथित फ़र्जी मुठभेड़ के मामले में पाँच सैनिक अधिकारियों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाखिल किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चरमपंथियों को वार्ता में शामिल करें'07 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने व्यापार को कश्मीर से जोड़ा03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्ज़ी मुठभेड़ों' की जाँच के लिए आयोग02 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर में सैन्य कटौती के लिए समितियाँ31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर में पाँच हिंदू मज़दूरों की हत्या30 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर से सेना वापसी पर विवाद28 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर साझा तंत्र का हिस्सा हो'26 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'सैनिकों की कटौती पर चर्चा जारी रहेगी'22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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