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कश्मीर से सेना वापसी पर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती को कम करने संबंधी विवाद अब राज्य से निकल कर राष्ट्रीय राजनीति में गूंज रहा है. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि अब तक जम्मू क्षेत्र से 37 ठिकानों से सेना को हटाया गया है. इस बीच जम्मू-कश्मीर में सत्तारुढ गठबंधन की भागीदार पार्टी पीडीपी की सेना को कम करने की मांग के संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की है. जहाँ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर में स्थिति और वहाँ सेना की तैनाती कम करने की पीडीपी की माँग के विषय में रक्षा मंत्री एके एंटनी और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ चर्चा की है वहीं भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने जम्मू क्षेत्र के 37 ठिकानों से सेना हटाई है. भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर का कहना है कि जहाँ से सेना हटाई जा रही है वहीं से गर्मी में बर्फ़ पिघलने के बाद चरमपंथी सीमा पार से घुसपैठ करते हैं. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि जहाँ इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा होगा, वहीं अगर जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी इलाके से--जहाँ वैसे ही कम हिंदू बचे हैं--अगर सेना हटाई जाती है तो वहाँ की आबादी का जातीय अनुपात बदल जाएगा. पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, "प्रधानमंत्री देश को बताएँ कि उनकी पीडीपी के साथ क्या बात हुई है और उन्होंने क्या माना. क्योंकि यह राजनीतिक या आपसी गठबंधन का सवाल नहीं है. यह देश की सुरक्षा का सवाल है और भारतीय जनता पार्टी किसी भी हालत में देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने नहीं देगी." खंडन सेना के सूत्रों ने भारतीय जनता पार्टी के इन आरोपों का यह कहते हुए खंडन किया है कि सेना के ठिकानों को ज़रूरत और मौसम के मुताबिक नियमित रूप से बदला जाता है और जहाँ से सैनिक चौकियां हटाई गई हैं वो इसी प्रकार की तैनाती का हिस्सा है और इससे सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं है. पीडीपी केंद्र सरकार पर दबाव बनाए हुए है कि वह जम्मू-कश्मीर से सेना की तैनाती को कम करे. पिछले कुछ दिनों से जम्मू कश्मीर में सत्तारुढ गठबंधन की भागीदार पार्टी पीडीपी के नेता मुफ़्ती मोहम्मद सईद दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात के दौरान अपनी मांग दोहराई थी. प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हालांकि पहले ही जम्मू कश्मीर से निकट भविष्य में सेना हटाए जाने की माँग ठुकरा चुके हैं, उन्होंने इस मामले पर ग़ौर करने का संकेत ज़रूर दिया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कह चुके हैं कि अभी जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति ऐसी नहीं है कि सेना हटाई जाए. मगर कांग्रेस जम्मू कश्मीर सरकार को राजनीतिक संकट से भी बचाना चाहती है तो ऐसे में देखना यह है कि पीडीपी को वो किन शर्तों पर राज़ी कर पाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुफ़्ती का यूरोपीय देशों से अनुरोध09 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस पीड़ितों का पुनर्वास प्राथमिकता-आज़ाद03 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बेग ने त्यागपत्र देने की घोषणा की02 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अकेला नहीं हूँ, विधायकों से संपर्क है: बेग02 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू कश्मीर में राजनीतिक संकट26 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने इस्तीफ़ा दिया29 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर पर कड़ा रुख़ छोड़ सकते हैं'30 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस जम्मू कश्मीर गठबंधन सरकार मुश्किल में 31 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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