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'फ़र्ज़ी मुठभेड़ों' की जाँच के लिए आयोग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने भारत प्रशासित राज्य जम्मू-कश्मीर में कथित फर्ज़ी मुठभेड़ों और हिरासत में हुई मौत के मामलों की जाँच के लिए जाँच आयोग का गठन किया है. इस आयोग को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि पिछले कुछ समय में राज्य में कथित रूप से हुई फर्ज़ी मुठभेड़ों और हिरासत में हुई मौतों की जाँच करे. इस जाँच आयोग का दायित्व हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एमएल कौल संभालेंगे. विधि मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक आदेश में कहा गया है कि जाँच आयोग उन कारणों, परिस्थितियों और विवादों को पता करने का काम करेगा जिनके चलते लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. ग़ौरतलब है कि पिछले महीनों राज्य में हुई मौतों को लेकर पुलिस और सेना फिर से विवादों के घेरे में आ गई है. लोगों का आरोप है कि कुछ फर्ज़ी मुठभेड़ों और हिरासत में हुई मौत के मामलों में निर्दोष आम नागरिक मारे गए हैं. आयोग इस तरह के मामलों में लिप्त पाए गए लोगों की ज़िम्मेदारी तय करने का भी काम करेगा. साथ ही सरकार ने आयोग से इस बारे में अपनी सिफारिशें और सुझाव देने के लिए भी कहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. सरकार ने आयोग को निर्देश दिए हैं कि अगले तीन महीनों की समयावधि में ही उसे अपना काम पूरा करके रिपोर्ट सौंप देनी है. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर में सैन्य कटौती के लिए समितियाँ31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस भूस्खलन से 16 लोगों की मौत21 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्जी मुठभेड़' मामले में आरोप पत्र28 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मारा गया कश्मीरी आम नागरिक था22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अपनों को खोज रहे कश्मीरियों का प्रदर्शन22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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