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'ईरान में बने हथियार अफ़ग़ानिस्तान में' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के सेनाध्यक्ष जनरल पीटर पेस ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों को हाल में ईरान में बने हथियार मिले हैं. सेनाध्यक्ष के मुताबिक इन हथियारों का इस्तेमाल तालेबान चरमपंथी करने वाले थे. जनरल पीटर पेस ने कहा कि ये स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए ईरानी सरकार सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है या नहीं. अमरीका ईरान पर बार-बार आरोप लगाता रहा है कि वो इराक़ में चरमपंथियों को हथियार और प्रशिक्षण देता है. संवाददाताओं का कहना है कि जनरल पेस के बयान से ये संकेत मिलता है कि ईरान अपना प्रभाव अफ़ग़ानिस्तान में भी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. विस्फोट इस बीच अफ़ग़ान पुलिस ने कहा है कि कंधार शहर में हुए एक बम हमले के चलते संयुक्त राष्ट्र के वाहन में विस्फोट हो गया. इसमें पाँच लोग मारे गए. माना जा रहा है कि मारे गए लोगों में से चार संयुक्त राष्ट्र के लिए काम कर रहे नेपाली नागरिक थे और पाँचवा अफ़ग़ान ड्राइवर था. किसी ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि कंधार में उनका एक वाहन बम विस्फोट की चपेट में आया है. पिछले कुछ समय से कंधार पर तालेबान के हमले बढ़े हैं. उधर एक अन्य घटना में एक स्कूल में हुए विस्फोट में कम से कम चार बच्चे माना जा रहा है कि ये विस्फोट स्कूल के मैदान में दबाए गए पुराने विस्फोटकों से हुआ. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अफ़ग़ान नागरिक हिंसा से ज़्यादा पीड़ित'16 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस जवाबी अमरीकी हमले 'अत्यधिक' हिंसक15 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमला14 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अब पूरा अफ़ग़ानिस्तान नैटो के ज़िम्मे28 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान मानवीय संकट की ओर'18 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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