|
श्रीलंका में भीषण लड़ाई, अनेक हताहत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के अधिकारियों का कहना है कि देश के उत्तरी भाग में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच भीषण झड़पें हुई हैं जिनमें बीस चरमपंथी मारे गए हैं. सेना ने एक सैनिक के मारे जाने की भी पुष्टि की है. उधर तमिल विद्रोहियों के प्रवक्ता रसैयाह इलानथिरायन का कहना था कि तमिल विद्रोहियों ने घात लगाकर सैनिकों पर हमला किया और कम से कम आठ सैनिक मारे गए हैं. ये लड़ाई तब शुरु हुई जब विद्रोहियों ने सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्र और तमिल चरमपंथियों के नियंत्रण वाले इलाक़े के बीच स्थित ओमानथाई में सैनिकों पर मोर्टार हमले किए. महत्वपूर्ण है कि वर्ष 2005 में श्रीलंका में जब से दोनों पक्षों के बीच हिंसा बढ़ी है तब से लगभग चार हज़ार लोग मारे गए हैं. श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लैफ़्टेनेंट कर्नल उपाली राजपक्से का कहना था, "हमारे सैनिकों पर मोर्टार दागे गए जिससे एक सैनिक मारा गया और चार घायल हो गए. हमने जवाबी कार्रवाई की और संचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 20 विद्रोही मारे गए हैं." ग़ौरतलब है कि श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई ने अब भी वर्ष 2002 वाले संघर्षविराम से पल्ला नहीं झाड़ा है चाहे ज़मीनी हक़ीक़त को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि वह निर्रथक हो गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें एलटीटीई का नौसैनिक मुख्यालय 'ध्वस्त'04 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'विद्रोही शांति के प्रति गंभीर नहीं थे'04 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम विस्फोट, 16 मारे गए02 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के हमले पर भारत की चिंता01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस सेना-तमिल विद्रोही संघर्ष, 11 मरे21 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी श्रीलंका से पलायन जारी11 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||