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एलटीटीई का नौसैनिक मुख्यालय 'ध्वस्त' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना का कहना है कि उसके लड़ाकू विमानों ने देश के उत्तर-पूर्व में स्थित तमिल विद्रोहियों के एक नौसैनिक मुख्यालय पर बमबारी की है और उसे नष्ट कर दिया है. श्रीलंका की वायुसेना के प्रवक्ता का कहना था कि नौसैनिक परिसर में ईंधन और युद्ध सामग्री के भंडार थे. श्रीलंका की नौसेना के कैप्टन अजंथा सिल्वा ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "हमें अब पता चल गया है ये नौसैनिक अड्डा तमिल विद्रोही का मुख्यालय था." उनका कहना था कि हमले के एक घंटे के बाद भी नौसैनिक अड्डे में आग लगी हुई थी. तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई ने मुल्लाइतिवु ज़िले में बमबारी होने की पुष्टि की है लेकिन ये भी कहा है कि वह एक आम नागरिकों की बस्ती थी. फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग हताहत हुए हैं. श्रीलंका के आसपास समुद्री क्षेत्र में एलटीटीई की श्रीलंका की नौसेना के साथ कई झड़पें हुई हैं. उधर एलटीटीई से अलग हुए बाग़ी तमिल नेता कर्नल करुणा ने एलटीटीई के प्रमुख प्रभाकरण की निंदा की है और आरोप लगाया है कि वे शांति प्रक्रिया के बारे में कभी गंभीर ही नहीं थे. बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कर्नल करुणा का कहना था कि प्रभाकरण ने वर्ष 2002 में हुए संघर्षविराम के बाद का समय अपनी फ़ौज को शस्त्रों से लैस करने के लिए इस्तेमाल किया है. कर्नल करुणा का कहना था कि उन्हें आदेश दिए गए थे कि वे बातचीत को लंबी खींचे ताकि एलटीटीई को और समय मिल जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें एलटीटीई के हमले पर भारत की चिंता01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'तमिल विद्रोही शांति के प्रति गंभीर नहीं थे'04 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में सीधा हस्तक्षेप नहीं-प्रणव22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को आर्थिक सहायता पर भ्रम30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस '14 तमिल विद्रोहियों के शव मिले'11 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका के पूर्वोत्तर भाग में लड़ाई23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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