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सेना-तमिल विद्रोही संघर्ष, 11 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के पूर्वी हिस्से में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच हुए संघर्ष में कम से कम 11 लोग मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि बट्टिकलोआ में विद्रोहियों के हमले के बाद संघर्ष शुरु हुआ. मारे जाने वालों में तीन सैनिक और आठ तमिल विद्रोही हैं. इस संघर्ष में कई घायल हुए हैं जिनमें कुछ आम नागरिक भी हैं. विश्लेषकों का कहना है कि पूरा श्रीलंका एक बार फिर गृहयुद्ध की चपेट में जाता दिख रहा है. सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच हुआ शांति समझौता अब नाममात्र को बचा है. पाँच साल पहले यह शांति समझौता हुआ था. लेकिन 2005 में फिर संघर्ष शुरु हो गया और तब से अब तक चार हज़ार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. सेना के अधिकारियों के अनुसार बट्टिकलोआ में सेना के एक कैंप में विद्रोहियों के हमले के बाद संघर्ष शुरु हुआ. इस संघर्ष पर अब तक विद्रोहियों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है. श्रीलंका के पूर्वी हिस्से में अभी भी कई इलाक़े तमिल विद्रोहियों के कब्ज़े में है और सेना लगातार प्रयास कर रही है कि वह वहाँ पहुँच सके. लगातार चल रहे संघर्ष की वजह से अकेले बट्टिकलोआ ज़िले से कोई 40 हज़ार लोग पलायन कर चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्वी श्रीलंका से पलायन जारी11 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के अड्डों पर क़ब्ज़े का दावा09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के जहाज़ पर हमला, 15 मारे गए28 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस हथियारों से लदा जहाज़ पकड़ा गया14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को आर्थिक सहायता पर भ्रम30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बढ़ती हिंसा पर चेतावनी29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विद्रोही ठिकानों पर बमबारी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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