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ऑस्ट्रेलिया सैनिक संख्या बढ़ाएगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि वह तालेबान विद्रोहियों की गतिविधियों पर काबू पाने के लिए अगले साल तक अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी कर देगा. ऑस्ट्रेलिया के इस समय अफ़ग़ानिस्तान में साढ़े पाँच सौ सैनिक तैनात हैं और वे नैटो के नेतृत्ववाली बहुराष्ट्रीय सेनाओं की मदद कर रही हैं. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने घोषणा की है कि अतिरिक्त सैनिक कुछ ही महीनों में भेज दिए जाएँगे. इनमें विशेष सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं जिनकी अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत उरुज़गान में तैनाती की जाएगी ताकि वे तालेबान की गतिविधियों पर अंकुश लगा सकें. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का कहना था कि बहुराष्ट्रीय सेनाएँ संघर्ष में हार तो नहीं रहीं लेकिन बिना कोशिशों को तेज़ किए हुए वे जीत नहीं पाएंगीं. दूसरी ओर रविवार को दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सैनिकों पर एक हमला हुआ था जिसमें छह सैनिक मारे गए थे. पिछले कुछ महीनों में यह नैटो सैनिकों पर यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है. उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में तालेबान नैटो को कड़ी चुनौती दे रहे हैं. पिछले साल तालेबान और नैटो के बीच ज़ोरदार संघर्ष हुआ था जिसमें कम से कम 4000 लोग मारे गए थे जिनमें एक तिहाई आम नागरिक थे. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान को 'अतिरिक्त सहायता'26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान ने किया बयान का स्वागत12 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना निर्दोषों को मारना बड़ी ग़लती थीः नैटो03 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'सैनिकों की तैनाती के नियमों में ढिलाई' 29 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश-मुशर्रफ़-करज़ई की अहम बैठक27 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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