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शुक्रवार, 23 फ़रवरी, 2007 को 20:03 GMT तक के समाचार
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'बोफ़ोर्स अब भी राजनीति का मुद्दा है'
बोफ़ोर्स तोप
भाजपा प्रवक्ता का कहना है कि वे फिर से इस मुद्दे को उठाएंगे
बोफ़ोर्स मामले में अभियुक्त इतालवी नागरिक ओत्तावियो क्वात्रोकी को हिरासत में लिए जाने की ख़बर आने के साथ ही भारत में इस मसले पर राजनीति फिर से शुरू हो गई है.

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि बोफ़ोर्स तोप सौदा अभी भी राजनीति का मुद्दा है और इसपर उनकी पार्टी कांग्रेस का घेराव करेगी.

उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी ख़बर है और अब क्वात्रोकी को जल्द से जल्द भारत लाया जाना चाहिए.

वहीं भारत में केंद्रीय जाँच ब्यूरो के पूर्व प्रमुख जोगिंदर सिंह का कहना है कि क्वात्रोकी को भारत लाने की प्रक्रिया में भारत सरकार के पास कम ही समय बचा है और भारत सरकार को इस मुद्दे पर सक्रियता दिखानी होगी.

अर्जेंटीना में क्वात्रोकी को इंटरपोल के एक वारंट पर हिरासत में लिया गया. क्वात्रोकी छह फ़रवरी से हिरासत में हैं.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "इस सौदे में बरसों पहले जो करोड़ों रूपए दिए गए, उन्हें अभी तक किसी ने नकारा नहीं है और इस मामले में सच्चाई लोगों के सामने आनी चाहिए क्योंकि 20 वर्ष हो जाने का यह मतलब नहीं है कि सच्चाई मर गई है."

'सबकुछ सरकार के हाथ'

वहीं सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह ने बीबीसी को बताया, "क्वात्रोकी को भारत लाने के लिए भारत सरकार के पास कम ही समय बचा है. सबकुछ सरकार के हाथ में हैं और उन्हें चाहिए कि वे तत्काल एक प्रतिनिधि मंडल रवाना करें ताकि क्वात्रोकी को भारत लाया जा सके."

 क्वात्रोकी को भारत लाने के लिए भारत सरकार के पास कम ही समय बचा है. सबकुछ सरकार के हाथ में हैं और उन्हें चाहिए कि वे तत्काल एक प्रतिनिधि मंडल रवाना करें ताकि क्वात्रोकी को भारत लाया जा सके
जोगिंदर सिंह, पूर्व निदेशक, सीबीआई

उन्होंने यह भी कहा कि क्वात्रोकी का भारत लाना सरकार की सक्रियता पर निर्भर है.

जब यह पूछा गया कि इस मामले में सीबीआई अभी तक कोई सबूत क्यों नहीं पेश कर पाई, उन्होंने कहा कि सीबीआई कोई स्वायत्त संस्था नहीं है और ऐसे मामलों में वो विदेश मंत्रालय के ज़रिए ही काम करती है. ऐसे में सबकुछ सरकार पर निर्भर है और रेड कार्नर नोटिस की स्थिति में इस बात से सरकार इनकार कर पाएगी, ऐसा कम ही संभव है.

हालांकि उन्होंने भारत की क़ानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "हमारे यहाँ क़ानून इतने लंबे और पुराने हैं कि इनका लाभ ईमानदार व्यक्ति को कम और दोषियों को ज़्यादा होता है. ऐसे में क़ानून व्यवस्था में बदलाव की ज़रूरत है."

उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मसले पर वर्तमान केंद्र सरकार गंभीरता के साथ काम करेगी.

इस मामले की अबतक की प्रगति के बारे में बोलते हुए जोगिंदर सिंह ने कहा कि इस मामले को तो लगभग सुलझाया जा चुका है, ज़रूरत है तो बस क्वात्रोकी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की.

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