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'कावेरी मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलेंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राज्य कर्नाटक के एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल ने फ़ैसला किया है कावेरी जल विवाद पर बने ट्राइब्यूनल के निर्णय पर बातचीत करने के लिए वो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेगा. ट्राइब्यूनल के फ़ैसले के विरोध में सोमवार को कर्नाटक की राजधानी बंगलोर और राज्य के कुछ अन्य इलाक़ों में बंद रखा गया. कुछ स्थानीय संगठनों ने 12 घंटे के इस कर्नाटक बंद का आह्ववान किया था. बंद का समर्थन करने वालों का कहना है कि ट्राइब्यूनल का निर्णय तमिलनाडु के पक्ष में है और इसमें कर्नाटक के हितों की अनदेखी की गई है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने कहा कि वो इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगे और उनसे कर्नाटक राज्य के प्रति किए गए अन्याय को बदलने की अपील करेंगे. मुख्यमंत्री राज्य में 12 घंटे के बंद के बाद की क़ानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. बंद राज्य में 12 घंटे के बंद से बंगलोर और अन्य हिस्सों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. हिंसा की छुट-पुट घटनाओं को छोड़कर बंद शांतिपूर्ण ही रहा. पुलिस ने बताया कि मैसूर में विरोधियों ने एक रैली के बाद 10 मोटरसाइकलों को आग लगा दी. ये गाड़ियाँ भारत सरकार के कर्मचारियों की थीं जो बंद के आह्वानन के बावज़ूद काम करने अपने कार्यालय आए हुए थे. पुलिस के अनुसार मांड्या, मैसूर और शिमोगा शहरों में प्रदर्शनकर्ताओं ने बसों और रेलगाड़ियों को कई घंटे तक रोके रखा. 17 साल पहले बने ट्राइब्यूनल ने पिछले हफ़्ते सौ साल पुराने कावेरी नदी के जल बँटवारे संबंधित विवाद पर अपना फ़ैसला सुनाया था. फ़ैसले के तहत तमिलनाडु को एक साल में 419 बिलियन क्यूबिक फुट पानी मिलेगा और कर्नाटक को सिर्फ़ 270 बिलियन. कर्नाटक की राजधानी बंगलोर भारत में सूचना तकनीकी कंपनियों का एक बड़ा केंद्र है जहाँ क़रीब 1500 भारतीय और विदेशी कंपनियों के कार्यालय स्थित हैं. भारत से हर साल क़रीब 22 अरब डॉलर के सॉफ्टवेयर निर्यात किए जाते हैं जिसमें बंगलोर की हिस्सेदारी लगभग आठ अरब डॉलर की है. कर्नाटक के वाणिज्य उद्योग परिसंघ का कहना है कि दिन भर की हड़ताल से लगभग 225 मिलियन डॉलर का नुकसान होने की उम्मीद है. शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और 20000 हज़ार से भी अधिक पुलिस वालों की तैनाती की गई थी. कावेरी जल विवाद को निपटाने के लिए ट्राइब्यूनल का गठन तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में कई दौर की वार्ता असफल होने के बाद 1990 में किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें टैंकरों की हड़ताल से तेल की किल्लत29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सिंगुर में हिंसक झड़प में 20 घायल05 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बंगलौर में गोलीबारी, एक की मौत28 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बंगलौर का एक और चेहरा21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में अंग्रेज़ी पढ़ाने का विरोध13 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस बंगलोर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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