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लोगों के हमले से मारा गया तेंदुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र के नासिक में आबादी वाले इलाक़े में एक तेंदुए के पहुँच जाने से लोग भयभीत हो उठे और उन्होंने उसे पीट पीट कर मार डाला. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए के आबादी वाले इलाक़े में घुसने से यह घटना घटित हुई. हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में तेंदुए के हमलों की संख्या बढ़ी है जहाँ करीब 22 लोगों की जानें जा चुकी हैं. मारने से पहले दर्जनों लोग इस घनी आबादी वाले शहर में उसे खदेड़ते रहे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेंदुए को देखकर लोगों में अफ़रातफ़री मच गई और आत्मरक्षा में लोगों ने उस पर हमला कर दिया. वन विभाग के एक अधिकारी एन मुंडे ने बताया कि जंगली जीवों के बारे में आम लोगों में जानकारी न होने की वजह से पीटे जाने की घटनाएँ होती हैं. उनका कहना था कि तेंदुओं के मानव आबादी वाले इलाक़ों में घुसने की घटनाएँ साफ़ दिखाती हैं कि राज्य में जंगली जीवों के रहने के स्थान लगातार सिमटते जा रहे हैं. हाल ही में पिंजरों में कैद कुछ तेंदुओं को मुंबई से करीब 100 किमी दूर नासिक के पास के जंगल में छोड़ा गया था. कुछ साल पहले मुंबई के संजय गाँधी राष्ट्रीय पार्क से निकलकर कुछ तेंदुओं ने लोगों पर हमला कर दिया था. वन्य जीव विशेषज्ञों ने अभयारण्यों पर लगातार होते अतिक्रमणों पर चिंता जताई है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तरांचल में नरभक्षी तेंदुओं का बढ़ता आतंक12 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस उत्तरांचल का नरभक्षी तेंदुआ मारा गया15 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस तीन 'आदमख़ोर' तेंदुए पकड़े गए29 जून, 2004 | भारत और पड़ोस नरभक्षी बाघ को पकड़ने के प्रयास03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई के तेंदुओं की जंगल वापसी 19 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस गुसलख़ाने में जंगली मेहमान की गुर्राहट08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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