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नरभक्षी बाघ को पकड़ने के प्रयास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों ने एक बाघ को नरभक्षी घोषित कर दिया है. ये बाघ चार लोगों को मार चुका है. भारत-नेपाल सीमा पर बाघ को बचाने के लिए दुधवा नेशनल पार्क है. दुधवा में लगभग सौ बाघ हैं. एक वरिष्ठ वन्य जीव अधिकारी पीपी सिंह ने बीबीसी को बताया कि नरभक्षी बाघ को जीवित पकड़ने की कोशिश की जा रही है लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो बाघ मारा भी जा सकता है. दो प्रशिक्षित हाथी और कई कर्मचारियों ने आसपास के गाँवों में दो जगह पर जाल बिछाया है. वन्य जीव अधिकारियों का कहना है कि नरभक्षी बाघ बूढ़ा प्रतीत होता है और हो सकता है कि उसे किसी युवा बाघ ने उसके इलाक़े से भगा दिया हो. दक्षिण खिरि ज़िले में ये बाघ घूमता है और आसानी से मारे जाने वाले शिकार की तलाश में रहता है. अधिकारियों का कहना है कि बाघ के आदमी को मारने का पहला मामला तो एक दुर्घटना थी क्योंकि बाघ के मारे एक बछड़े को एक किसान ने उससे परे ले जाने की कोशिश की. चाहे उस इलाक़े में बाघ और तेंदुए की संख्या काफ़ी बढ़ गई है लेकिन गन्ने की खेती के कारण जंगल का क्षेत्र घटा है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तरांचल में नरभक्षी तेंदुओं का बढ़ता आतंक12 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस अब हो रही है पहाड़ की मरम्मत01 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस दम तोड़ती कंप्यूटर शिक्षा योजना20 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस नए राज्य : क्या खोया और क्या पाया?01 नवंबर, 2003 | आपकी राय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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