|
कोहरे से आवागमन बुरी तरह प्रभावित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में लगतार दूसरे दिन कोहरे के कारण अफ़रातफ़री का माहौल है. पहली जनवरी की रात भी कोहरे के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से विमानों की आवाजाही रोक दी गई. उधर ट्रेनें कोहरे की वजह से ही देर से चल रही हैं और सड़कों पर वाहनों का चलना कठिन हो गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी स्थिति मंलगवार तक बनी रह सकती है. उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर की शाम से राजधानी दिल्ली कोहरे से ढँकने लगी थी और रात साढ़े नौ बजे के बाद से ही विमानों आना जाना रोक देना पड़ा था. शहर में नए साल की सुबह भी कोहरे में ढँकी रही और कोई दस बजे के बाद ही यातायात सामान्य हो सका था लेकिन कोहरा बना रहा. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मौसम विभाग के प्रभारी निदेशक आरके जेनामणि का कहना है कि पहली जनवरी को आर्द्रता 95 प्रतिशत थी. एयरपोर्ट के प्रवक्ता के अनुसार 31 दिसंबर की शाम से पहली जनवरी को सुबह तक कोई 16 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 11 का समय बदलना पड़ा. उनके अनुसार 12 अंतरराष्ट्रीय विमानों सहित 36 विमानों का रास्ता बदल कर दूसरे शहरों में उतारा गया. उधर रेलवे अधिकारियों के सूचना दी है कि कोहरे की वजह से ट्रेनें कई घंटों की देर से चल रही हैं. इसके अलावा कोहरा होने के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ और वाहन सड़क पर धीमी रफ़्तार से रेंगते दिखाई पड़े. उल्लेखनीय है कि हर साल ठंड के दिनों में दिल्ली सहित पूरे उत्तरी भारत में कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात प्रभावित होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें कोहरे से आवागमन बुरी तरह प्रभावित01 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तर भारत में सर्दी की शुरुआत23 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में घना कोहरा, उड़ानें स्थगित17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में कड़ाके की सर्दी08 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस धुँध से उत्तर भारत में यातायात प्रभावित25 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||