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कश्मीर में हत्या के ख़िलाफ़ प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में हज़ारों लोगों ने एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया है. मंगलवार की रात पुलवामा ज़िले में मुख़्तार अहमद और एक भारतीय सैनिक की तब मौत हो गई थी जब उसकी टैक्सी पर चरमपंथियों ने हमला किया था. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तमाम ख़तरों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने मुख्तार अहमद को गाड़ी चलाने के लिए दबाव डाला था. इस क्षेत्र में भारतीय सैनिकों द्वारा गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवरों को मजबूर करने की शिकायतें आम हैं. मुख्तार अहमद और भारतीय सैनिक की मौत शोपियान शहर में हुई. सेना के सूत्रों का कहना है कि यह घटना तब घटी जब भारतीय सैनिक एक अभियान के बाद उस टैक्सी में सवार होकर लौट रहे थे. सैनिकों ने उस टैक्सी को किराये पर लिया था. 1989 से भारतीय प्रशासित कश्मीर में चल रहे अलगावादी आंदोलन में अब तक लगभग साठ हज़ार लोगों की जानें जा चुकी हैं. वर्ष 2004 में भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के प्रयास शुरू किए जाने के बाद से हिंसा में एक हद तक कमी आई है. | इससे जुड़ी ख़बरें झड़प में सेना के कर्नल, चरमपंथी की मौत23 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एक और सैनिक ने आत्महत्या की11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस युवक को गोली मारने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित25 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेक्स स्कैंडल में डीआईजी गिरफ़्तार07 जून, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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