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रिश्तों की समस्या से जूझता गोपालगंज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार राज्य के गोपालगंज में रोज़गार की तलाश में पुरुषों के पलायन के कारण घर की पूरी कमान महिलाओं के हाथ में आ गई है. इससे महिलाओं का सामाजिक स्तर तो ऊंचा हुआ है लेकिन साथ ही सामाजिक समस्याएं भी पैदा हो गई हैं. केरल के बाद गोपालगंज दूसरा इलाक़ा है जहां से सबसे अधिक लोग खाड़ी देशों में काम करने के लिए जाते हैं. शहर से बाहर निकलते ही छोटे-छोटे गाँवों में बड़े-बड़े घर दिख जाते हैं. स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक मोहम्मद इंसाफ़ बताते हैं ‘ बड़े घर जो दिखते हैं वो खाड़ी देशों का पैसा है. लोग बाहर हैं. पैसा भेजते हैं तो संपन्नता आ रही है.’ पुरुषों के घर से बाहर रहने पर क्या महिलाओं ने कमान अपने हाथ लेने पर इंसाफ कहते हैं, “यह नया चलन है क्योंकि अब महिलाएं भी बाहर निकल रही है. स्कूलों में काम कर रही हैं. घर चला रही है तो एक सकारात्मक बदलाव आ रहा है.” नूरीन नेहारी उन महिलाओं में से हैं जिनके पति गुलाम हसन पिछले पंद्रह वर्षों से सऊदी अरब में रह रहे हैं. उनके तीन बच्चे हैं. दो बेटियां रुक्कैया और सोमैय्या. एक बेटा दस वर्षीय अब्दुल्ला जो पिता के साथ रहता है.
नूरीन पास के स्कूल में पढ़ाती भी हैं. वो कहती हैं, “ज़िम्मेदारी तो लेनी पड़ती है. इसमें दिक्कत कोई नहीं है. मैं दिन में पढ़ाती हूं. दोपहर में घर का सारा काम करती हूँ. ज़रुरत पड़ने पर बाहर का काम भी करती हूं. परिवार से भी मदद मिलती है.” लेकिन इलाक़े की हर महिला के साथ परिवार का समर्थन नहीं है. कई घरों में महिलाएं अकेली हैं और उन्हें सारा काम संभालना पड़ता है. गोपालगंज में वकील शारिक इमाम बताते हैं, “खाड़ी देशों के पैसे ने स्थिति बदल दी है. अब महिलाओं के पास पैसा है. वो निर्णय ले रही हैं. उनका सामाजिक स्तर बढ़ रहा है.” उल्लेखनीय है कि गोपालगंज केरल के बाद भारत का एकमात्र वो क्षेत्र है जहां लिंग अनुपात महिलाओं के हक में है. यानि प्रति हज़ार पुरुषों पर लगभग एक हज़ार पाँच महिलाएँ हैं. पैसा या मुसीबत? लेकिन क्या इस पैसे ने वाकई उनकी ज़िंदगी बदल दी है. शारिक कहते हैं कि पैसे ने एक सामाजिक समस्या को भी जन्म दे दिया है.
वो बताते हैं, “ पैसा आया तो महिलाओं ने अपने बुज़ुर्गों की देखभाल बंद कर दी है. अवैध रिश्तों के कई मामले आ रहे हैं. दुबई, शारजाह से लोग वापस आते हैं तो पता चलता है कि उनकी पत्नियों के अवैध रिश्ते बने हुए हैं.” शारिक कहते हैं कि अदालत में आए दिन तलाक के और परिवार बिखरने के मामले आ रहे हैं. ये अवैध रिश्तों से जुड़े होते हैं. कारण कोई और बताया जाता है लेकिन जड़ में बात वही होती है. बुजुर्गों का कहना था कि पैसा बुराईयां लेकर आता है. गोपालगंज में ये कहावत चरितार्थ होती नज़र आती है. यहाँ का समाज बेरोज़गारी के कारण एक तरफ पलायन करने को बाध्य है तो दूसरी तरफ उसे रिश्तों की समस्या का सामना भी करना पड़ रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें दुनिया में 19 करोड़ प्रवासी:संयुक्त राष्ट्र07 जून, 2006 | पहला पन्ना दोहरी नागरिकता का दायरा व्यापक हुआ07 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस प्रवासी भारतीयों को स्मार्ट कार्ड मिलेगा09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'प्रवासन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ'22 जून, 2005 | पहला पन्ना खाड़ी के भारतीयों ने लगा रखी हैं उम्मीदें07 जनवरी, 2004 | कुछ और जानिए खाड़ी के प्रवासी भारतीयों की कई हैं मुश्किलें17 जनवरी, 2004 | कुछ और जानिए लोग अमीर देशों का रुख़ कर रहे हैं21 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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