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विद्रोहियों ने 24 बच्चों को 'अगवा' किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंकाई सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई ने देश के पूर्वी हिस्से में 24 स्कूली बच्चों को अगवा कर लिया है. ब्रिगेडियर प्रसाद समरसिंघे ने बीबीसी को बताया कि जिन बच्चों का अपहरण किया गया है, उनमें अधिकतर छोटी उम्र की लड़कियाँ हैं. यह घटना अमपारा इलाक़े में हुई. उन्होंने कहा कि अगवा किए गए बच्चों के अभिभावक तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र की ओर रवाना हो गए हैं जहाँ वो विद्रोहियों से बच्चों को छोड़ देने की अपील करेंगे. एलटीटीई ने अभी तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. ब्रिगेडियर समरसिंघे ने बताया कि 21 लड़कियों और तीन लड़कों को विद्रोही उस उस समय जबरन साथ ले गए जब वे परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. उनका कहना था, "इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दे दी गई है. पुलिस ने संघर्ष विराम की निगरानी कर रही टीम और मानवाधिकार आयोग को इसके बारे में सूचित कर दिया है." ब्रिगेडियर समरसिंघे ने अंदेशा जताया कि इन बच्चों को तमिल विद्रोहियों के साथ काम करने के लिए मजबूर किया जा सकता है. इस तरह की ख़बरें आती रही हैं कि एलटीटीई बच्चों को जबरन हथियार थमा रहा है. इस मसले पर सरकार, मानवाधिकार संगठनों और विद्रोहियों के बीच मतभेद रहे हैं. तमिल विद्रोही इसस पहले बालसैनिकों की नियुक्ति के आरोपों को गलत बताते रहे हैं. एलटीटीई उत्तरी और पूर्वी श्रीलंका को मिलाकर अलग तमिल राष्ट्र की माँग के लिए संघर्ष कर रहा है. विद्रोहियों और सेना के बीच संघर्ष में पिछले साल 3400 लोग मारे गए. वर्ष 1972 के बाद से अब तक हिंसा की चपेट में 60 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका की स्थिति से संयुक्त राष्ट्र चिंतित12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस संघर्ष के कारण हज़ारों ने पलायन किया10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में विद्रोहियों के हमले में तीन मरे'07 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में नए आपातकाल प्रावधान 06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस रक्षा सचिव पर हमला: दो गिरफ़्तार03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाई मंत्री हमले में बाल-बाल बचे01 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन सिंह से मिले महिंदा राजपक्षे29 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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