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'श्रीलंका में विद्रोहियों के हमले में तीन मरे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सेना का कहना है कि देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में तमिल विद्रोहियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि दस बच्चे घायल हुए हैं. सेना के अनुसार तमिल विद्रोहियों ने उनके ठिकानों पर गोलाबारी की और दो गोले एक स्कूल पर गिर गए. इस हमले में अनेक बच्चे ज़ख्मी हो गए. सेना के मुताबिक विद्रोहियों ने आधे घंटे बाद फिर हमले शुरु कर दिए और कलाल गाँव में एक घर को निशाना बनाया. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर प्रसाद समारसिंघे का कहना है कि मरने वालों में दस वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सरकार ने एक दिन पहले ही 'आतंकवादी गतिविधियों ' के ख़िलाफ़ नया क़ानून लागू किया है. इस क़ानून के तहत सेना को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ़्तार करने संबंधी अधिक अधिकार मिल गए हैं. लेकिन एलटीटीई पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. विश्लेषकों का कहना है कि इस नए क़ानून के तहत वार्ता जारी रखने के सारे विकल्प खुले रखे गए हैं. तमिल विद्रहियों और श्रीलंका सरकार के बीच अक्तूबर में हुई वार्ता कुछ गतिरोध के कारण टूट गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'श्रीलंका में दोनों पक्ष वार्ता के लिए राज़ी'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में ग्यारह मुसलमानों की हत्या18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेना-तमिल विद्रोहियों में फिर संघर्ष07 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस बाल सैनिकों की भर्ती का आरोप13 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नौसेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस "तमिल राष्ट्र के अलावा विकल्प नहीं"27 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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