BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 27 नवंबर, 2006 को 14:36 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
"तमिल राष्ट्र के अलावा विकल्प नहीं"
प्रभाकरण
प्रभाकण ने सिंहला नेताओं को दोषी ठहराया
तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के प्रमुख प्रभाकरण ने कहा है कि अलग तमिल राष्ट्र के लिए ज़ोर लगाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है.

अपने वार्षिक नीतिगत भाषण में प्रभाकरण ने कहा कि चार साल पहले सरकार के साथ जिस संघर्षविराम पर सहमति हुई थी, उसे इस सरकार ने नाकाम कर दिया है.

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह तमिल लोगों के ख़िलाफ़ सैनिक और आर्थिक युद्ध चला रही है. प्रभाकरण ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे एलटीटीई के 'स्वतंत्रता संघर्ष' को मान्यता दें.

प्रभाकरण ने कहा, "ये स्पष्ट है कि सिंहला नेता तमिल राष्ट्र के सवाल पर न्यायपूर्ण प्रस्ताव को आगे नहीं लाने देंगे."

संभावना

उन्होंने कहा कि सिंहला नेताओं के रुख़ के कारण तमिल लोगों के लिए स्वतंत्र राष्ट्र के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है.

प्रभाकरण ने कहा कि मौजूदा सरकार के अधीन शांतिपूर्ण समाधान की कोई संभावना नहीं है.

श्रीलंका सरकार और एलटीटीई एक-दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाते हैं. वर्ष 2002 में दोनों पक्षों में संघर्ष विराम हुआ था.

प्रभाकरण का ये बयान ऐसे समय आया है जब श्रीलंका में हिंसा की घटनाओं में तेज़ी आई है.

कोलंबो स्थित एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि प्रभाकरण के इस बयान से देश में हिंसा और बढ़ेगी. पिछले एक साल में संघर्ष के दौरान तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

प्रभाकरण का नीतिगत वार्षिक भाषण सालभर के लिए संगठन का घोषणापत्र होता है. पिछले साल प्रभाकरण ने स्वतंत्र राष्ट्र के लिए संघर्ष छेड़ने की बात कही थी.

इससे जुड़ी ख़बरें
भारत के अहम दौरे पर पहुँचे राजपक्षे
25 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
श्रीलंका में ताज़ा संघर्ष, 20 की मौत
24 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
'विद्रोहियों के इलाक़े पर बमबारी'
21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
श्रीलंका जाफ़ना तक सड़क खोलेगा
20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
बाल सैनिकों की भर्ती का आरोप
13 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
एलटीटीई समर्थक सांसद की हत्या
10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>