|
'विद्रोहियों के इलाक़े पर बमबारी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों का कहना है कि सेना के हवाईजहाज़ों ने उत्तर में उनके नियंत्रण वाले इलाक़े में बमबारी की है. विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने कहा कि किलीनोच्ची के पास श्रीलंकाई जहाज़ों ने करीब 20 बम गिराए हैं. वहीं श्रीलंका सेना ने कहा है कि उसके पास फ़िलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. प्रवक्ता ने रॉयर्टस को बताया," इलाक़े पर बम गिराए गए हैं. ये बम किलीनोच्ची के पास गिरे.हमारी तरफ़ से किसी को उकसाया नहीं गया था." उन्होंने कहा कि हताहतों के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है. सुरक्षाबलों और विद्रोहियों के बीच ज़मीन और समुद्र पर अकसर संघर्ष होता रहा है और कई बार ऐसा लगा कि संघर्षविराम टूटने की कगार पर है. हिंसा में बढ़ोत्तरी इससे पहले सोमवार को श्रीलंका ने घोषणा की थी कि वो अस्थाई तौर पर जाफ़ना तक जाने वाली सड़क खोल रहा है ताकि संघर्ष के चलते फँसे लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा सके. श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच पिछले महीने जिनीवा में वार्ता हुई थी जो विफल रही. पर्यवेक्षकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ही दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हुए थे. पिछले साल के अंत से लेकर अब तक हिंसा के चलते तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि दोनों ही पक्ष कहते आए हैं कि वे संघर्षविराम के प्रति वचनबद्ध हैं. ये संघर्षविराम वर्ष 2002 में हुआ था. उसके पहले हिंसा में करीब 65 हज़ार लोग मारे गए थे. |
इससे जुड़ी ख़बरें नौसेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बाल सैनिकों की भर्ती का आरोप13 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की स्थिति पर चिंतित हैं अन्नान11 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेना और एलटीटीई के बीच भारी लड़ाई09 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||