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श्रीलंका की स्थिति पर चिंतित हैं अन्नान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि वो श्रीलंका में जारी संघर्ष में आम नागरिकों की बढ़ती मौतों से काफ़ी विचलित हुए हैं. उन्होंने श्रीलंका में सेना और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के बीच जारी संघर्ष को लेकर चिंता जाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि अन्नान आम लोगों की मौतों की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं. अन्नान ने कहा है कि श्रीलंका में जारी संघर्ष को तुरंत रोके जाने की आवश्यकता है. उन्होंने इस दिशा में प्रयास कर रहे सभी संगठनों और मध्यस्थों से अपील की है कि वो संघर्ष समाप्ति और श्रीलंका में शांति बहाली की दिशा में सभी संभव प्रयास करें. पिछले कुछ समय में श्रीलंका को हिंसा के दौर से गुज़रना पड़ा है और हिंसा की घटनाओँ में दोनों पक्षों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि दोनो पक्षों ने इस वर्ष फरवरी में बातचीत के बाद तय किया था कि वे संघर्षविराम का सम्मान करते हुए इसे जारी रखेंगे पर ऐसा नहीं हुआ और दोनों ओर से लगातार संघर्ष जारी है. ज़िम्मेदार कौन इस संघर्ष के लिए दोनों ही पक्ष एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं और एक-दूसरे पर संघर्ष को शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं. एक आकलन के मुताबिक पिछले एक वर्ष की समयावधि में श्रीलंका में जारी संघर्ष में 2000 से भी ज़्यादा बड़ी तादाद में सैनिक, नागरिक और विद्रोही मारे जा चुके हैं. केवल जुलाई से अबतक आत्मघाती हमलों और सरकार और विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में एक हज़ार से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा लाखों की तादाद में लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें एलटीटीई समर्थक सांसद की हत्या10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सेना-एलटीटीई के बीच संघर्ष जारी10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेना और एलटीटीई के बीच भारी लड़ाई09 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंकाई सेना ने 45 लोगों की हत्या की'08 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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