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श्रीलंकाई मंत्री हमले में बाल-बाल बचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में अधिकारियों ने कहा है कि राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई और रक्षा मंत्री गोथाबया राजपक्षे के काफ़िले पर हमला हुआ है. सेना के प्रवक्ता ने एपी को बताया है कि गोथाबया राजपक्षे सुरक्षित हैं. ख़बरों के मुताबिक धमाके में कई सैनिक घायल भी हुए हैं. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर समरसिंघे ने कहा है कि एक 'आत्मघाती हमलावर' एक प्रत्यक्षदर्शी ने रॉयटर्स को बताया कि उसने घटनास्थल पर टैक्सी का मलबा देखा. ये धमाका तमिल विद्रोहियों के उस बयान के कुछ दिन बाद हुआ है जिसमें कहा गया था कि उनके पास स्वतंत्र देश की माँग के अलावा और कोई रास्ता नहीं है. 'अलग राष्ट्र' तमिल विद्रोही नेता प्रभाकरण ने कहा था कि सेना के साथ संघर्षविराम काम नहीं कर रहा. उन्होंने सरकार पर तमिलों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने का आरोप भी लगाया था. संवाददाताओं का कहना है कि हालांकि प्रभाकरण ने दोबारा संघर्ष शुरू करने की बात नहीं की थी लेकिन उनके हर वाक्य में चेतावनी का पुट था. पिछले साल के अंत के बाद से श्रीलंका में हिंसा में काफ़ी बढ़ोत्तरी हुई है और दोनों पक्ष एक दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाते रहे हैं. श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच 2002 में संघर्षविराम हुआ था. संघर्षविराम से पहले हिंसा के चलते करीब 64 हज़ार लोग अपनी जान गवाँ चुके हैं. विद्रोही तमिलों के लिए स्वतंत्र देश चाहते हैं. उनका आरोप है कि श्रीलंका में सिंहला समुदाय के लोग बहुमत में हैं और तमिलों के ख़िलाफ़ भेदभाव किया जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें मनमोहन सिंह से मिले महिंदा राजपक्षे29 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस "तमिल राष्ट्र के अलावा विकल्प नहीं"27 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में ताज़ा संघर्ष, 20 की मौत24 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'विद्रोहियों के इलाक़े पर बमबारी'21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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