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बरी किए गए लालू प्रसाद, राबड़ी देवी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पटना में सीबीआई की विशेष अदालत ने रेलमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में निर्दोष करार दिया है. सीबीआई की पटना स्थित विशेष अदालत में न्यायाधीश मुन्नीलाल पासवान ने फ़ैसले के अंतिम हिस्से को पढ़ते हुए कहा कि आय से अधिक संपत्ति रखने के इस मामले में लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी निर्दोष पाए गए हैं इसलिए इन्हें बरी किया जाता है. इस फ़ैसले के तुरंत बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लालू प्रसाद ने कहा, "यह न्याय की जीत है. इस मामले में हमें इंसाफ़ मिला है. मुझे इसी फ़ैसले की उम्मीद थी और भरोसा था कि मैं अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से मुक्त हो पाऊँगा." जैसे ही न्यायालय ने यह फैसला सुनाया, पूरा परिसर लालू प्रसाद ज़िंदाबाद के नारों से गूँज उठा. फैसले की प्रतीक्षा में बड़ी तादाद में लालू समर्थक अदालत परिसर में मौजूद थे. उधर फैसले के वक्त सीबीआई के वकीलों की ओर से कुछ भी नहीं कहा गया. यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि सीबीआई इस फैसले को अब बड़ी अदालतों में चुनौती देगी या नहीं. बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर सीधे तौर पर तो कोई आरोप नहीं था पर वो इस मामले में सह अभियुक्त थीं. माना जा रहा था कि अगर इस मामले में फैसला लालू प्रसाद के ख़िलाफ़ आता है तो इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम देखने को मिलेंगे. ऐसी स्थिति में उन्हें अपना रेलमंत्रालय भी छोड़ना पड़ सकता था. साथ ही केंद्र की यूपीए सरकार के लिए भी संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. मामला हाल में चार दिसंबर को इस मामले की सुनवाई पूरी हुई थी. इसके पहले चार अप्रैल, 2000 में इस मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी. दरअसल 1990 से 97 के बीच जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे, उस दौरान उनकी ज्ञात स्रोत से लगभग 46 लाख रुपए की अधिक संपत्ति रखने का पता चला था. यह मामला 19 अगस्त, 1998 को सीबीआई ने दर्ज किया था. साथ ही इस मामले में राबड़ी देवी को भी सह अभियुक्त बनाया गया. राबड़ी देवी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पति लालू यादव को इस संपत्ति को अर्जित करने में सहयोग दिया. सीबीआई ने इन दोनों के ख़िलाफ़ संपत्ति अर्जित करने के मामले को कथित रूप से चारा घोटाले में हुई आय से जोड़कर देखा था. इसके पहले लालू यादव और राबड़ी देवी ने पटना हाई कोर्ट में मुक़दमा चलाने की राज्यपाल की अनुमति देने को चुनौती दी थी. लेकिन अदालत ने उनकी याचिका ख़ारिज कर दी थी. सन् 2000 में तत्कालीन राज्यपाल वीसी पांडे ने दोनों के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई से मुक़दमा दायर करने को कहा था. इसके बाद सीबीआई ने एफ़आईआर दर्ज की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें लालू प्रसाद ने दी प्रबंधन की शिक्षा18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस रेल बजट: थोड़ा पीछे, थोड़ा आगे24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस राबड़ी देवी के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज20 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस और अपने वकील ख़ुद बन गए लालू...26 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस चारा घोटाला: लालू यादव पर आरोप तय26 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस चारा घोटाले में लालू पर आरोप तय17 मई, 2005 | भारत और पड़ोस बिहार में बाढ़ राहत राशि में 'घोटाला'27 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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