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माओवादी प्रधानमंत्री कोइराला से नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादियों ने प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला के उस बयान की कड़ी आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि माओवादी अभी सरकार में शामिल नहीं हो सकते. माओवादियों को 10 दिन पहले सरकार में शामिल होना था लेकिन रविवार को प्रधानमंत्री कोइराला ने कहा कि यह तब तक संभव नहीं है जब तक माओवादी अपने सारे हथियार संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षण में जमा नहीं कर देते हैं. दूसरी ओर माओवादियों के उपनेता बाबूराम भट्टराई ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में अंतरिम सरकार गठित नहीं हुई तो पूरी शांति प्रकिया ख़तरे में पड़ सकती है. तीन सप्ताह पहले माओवादियों और सरकार के बीच समझौता हुआ था जिसके बाद दस साल पुराना विद्रोह समाप्त हुआ था. समझौते पर संकट इस समझौते के तहत विद्रोहियों के अंतरिम सरकार में शामिल होने का प्रावधान है. लेकिन इसके पहले माओवादियों को अपने हथियार संयुक्त राष्ट्र निरीक्षण में जमा कराने हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि समझौते के बाद से शांति प्रक्रिया पर कई बार संकट आया है क्योंकि माओवादियों को हथियार रखने के लिए जो कार्यक्रम निर्धारित किया है, वह अधिक महत्वाकांक्षी है. प्रधानमंत्री कोइराला स्पष्टवादी माने जाते हैं और ज़रूरत पड़ने दो टूक बात कह देते हैं. उन्होंने साफ़ कह दिया है कि समझौते के अनुसार जब तक सभी हथियार जमा नहीं हो जाते, माओवादियों को सरकार में शामिल नहीं किया जा सकता. | इससे जुड़ी ख़बरें पहली बार नेपाल नरेश ने दिया टैक्स08 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में निरस्त्रीकरण समझौता28 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में नागरिकता विधेयक पारित26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में ऐतिहासिक शांति समझौता21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'राजा ज्ञानेंद्र ज़्यादतियों के लिए ज़िम्मेदार'20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादी कर रहे हैं जबरन भर्ती18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीकी नज़र में माओवादी 'आतंकवादी'16 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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