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'वर्ल्ड कप के लिए गुर्दा भी बेच दूँगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपने को सचिन तेंदुलकर का दीवाना कहने वाले सुधीर कुमार वर्ल्ड कप देखने के लिए अपनी एक गुर्दा भी बेचने को तैयार हैं. हर साल अपने राज्य बिहार के मुज़फ्फ़रपुर से साइकल की सवारी कर सचिन से मिलने मुंबई जाने वाले सुधीर कहते हैं कि मास्टर ब्लास्टर ने उन्हें वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज़ ले जाने का भरोसा दिलाया है. वो कहते हैं, "अगर सचिन अपनी बात से मुकरे तो मैं अपना एक गुर्दा बेच दूँगा और इससे मिले पैसों से वर्ल्ड कप देखने जाऊँगा." इंग्लैंड टीम की प्रशंसक टोली 'बामी आर्मी' और पाकिस्तान के अब्दुल चाचा की तरह 'ब्रदर इंडिया' बन कर हर मैच में टीम इंडिया की हौसला अफ़जाई करने का लक्ष्य रखने वाले सुधीर ने पिछले तीन वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई है. पढ़ाई छोड़ी उन्होंने अपने सिर के बालों को भारत के नक़्शे का रूप दे दिया है और उनका 'तिरंगा' स्थायी तौर पर उनके सिर पर विराजमान रहता है. वो भारत में होने वाले हर मैच में दर्शक दीर्घा से सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. सचिन के सहयोग से भारत में होने वाले हर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का टिकट पाने वाले सुधीर पर क्रिकेट का जुनून इस क़दर हावी है कि उन्होंने बीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है. वो कहते हैं, "पिछले साल बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा मैं नहीं दे पाया क्योंकि उसी समय कोलकाता में भारत और पाकिस्तान के बीच प्लेटिनम जुबली कप मैच का कार्यक्रम बना और मैं सचिन की कृपा से वहाँ पहुँच गया." सुधीर कहते हैं, "अब क्रिकेट के आगे पढ़ाई संभव नहीं है. इसलिए जो पढ़ लिया सो पढ़ लिया." सचिन से मुलाक़ात सुधीर ने पहली बार छह नवंबर 2002 को जमशेदपुर में होने वाले एक मैच में सचिन से मिलने का मन बनाया. वो 28 अक्तूबर को ही साइकल से रवाना हुए लेकिन वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ कोलकाता टेस्ट में चोटिल होने के कारण सचिन इस मैच में खेल ही नहीं पाए.
इसके एक साल बाद वो फिर साइकिल से मुंबई रवाना हुए और 28 नवंबर को सचिन के घर पहुँचे. यहाँ वो पहली बार सचिन से मिले. उन्होंने कहा, "सचिन ने मुझे काफ़ी प्रोत्साहित किया. उन्होंने पैसों से मदद करने की बात कही लेकिन मैंने पैसे लेने से मना कर दिया." इसके बाद भारत, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई त्रिकोणीय श्रृंखला का एक मैच कटक में हो रहा था और सचिन से मिलने के लिए सुधीर ने मैदान पर छलांग लगा दी. वो कहते हैं, " पुलिस वाले मुझे पीटने के लिए दौड़े लेकिन सचिन ने उन्हें मना किया. हैदराबाद में भी एक मैच के दौरान मैंने ऐसा किया था लेकिन सचिन ने मुझे समझाया कि ऐसा मत किया करो." सुधीर अब हर साल सचिन से मिलने मुंबई जाते हैं और उनके लिए लीची ले जाना नहीं भूलते. इस बार वो सचिन की पत्नी अंजलि के लिए मुज़फ्फ़रपुर की चर्चित लहठी साथ ले गए थे. लक्ष्य सुधीर भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं.
इस साल के शुरू में वो मैच देखने पाकिस्तान भी गए थे और वो भी साइकल से जहाँ उनकी मुलाक़ात पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसक अब्दुल जलील उर्फ़ अब्दुल चाचा से हुई. वो बताते हैं, "मैंने अब्दुल चाचा के साथ बैठ कर ही मैच देखा. उन्होंने भी मुझे काफ़ी प्रोत्साहित किया." सुधीर को भारत से बाहर होने वाले मैचों में वीज़ा पाने में काफ़ी दिक्कत होती है. इसके लिए उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार से मदद की गुहार लगाई है. ग़रीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुधीर स्थानीय डेयरी में काम करते हैं और समय बचा तो रिक्शा भी चलाते हैं. |
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