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अहम खिलाड़ी अच्छा नहीं खेल रहे: चैपल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में भारत की हार के बाद कोच ग्रेग चैपल ने कहा है कि ये स्पष्ट है कि अहम खिलाड़ी उतना अच्छा नहीं खेल रहे जितना उन्हें खेलना चाहिए. केप टाउन में खेले गए तीसरे मैच से पहले ही ग्रेग चैपल भारतीय जनता और कुछ सांसदों के निशाने पर थे. दूसरे मैच में भारत को मिली 157 रनों की हार के बाद उनकी व्यापक आलोचना शुरु हो गई थी और मामला संसद में भी उठा था. लेकिन जब तीसरे मैच में हार के बाद जब मीडिया ने उनसे भारतीय सांसद की आलोचना के बारे में पूछा तो उनका केवल इतना कहना था, "मुझे आश्चर्य नहीं है. उन्हें (सांसदों को) ऐसा करने के लिए ही वेतन मिलता है." लेकिन इस पर भी राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया आ रही है. उनका कहना था, "सबसे बड़ी चिंता ये है कि अहम खिलाड़ी उतना अच्छा नहीं खेल रहे जितना उन्हें खेलना चाहिए. अच्छा प्रदर्शन इसलिए नहीं हो रहा क्योंकि बहुत सारे खिलाड़ी आउट ऑफ़ फ़ॉर्म हैं." लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को इसके लिए दोषी ठहराने से परहेज़ किया. ग्रेग चैपल का कहना था, "केवल सहवाग ही ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं. हमारे बहुत सारे खिलाड़ी है जो किसी न किसी कारण से प्रयास कर रहे हैं." इस संकट से टीम को बाहर निकालने के बारे में उनका कहना था, "मेरे पास कोई आसान जवाब नहीं हैं. मैं किसी एक खिलाड़ी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन बहुत सारे खिलाड़ी आउट ऑफ़ फ़ॉर्म हैं." तीसरे मैच के बारे में उनका कहना था कि यदि कुछ अहम कैच लपक लिए जाते तो बहुत फ़र्क पड़ सकता था. कप्तान राहुल द्रविड़ पर उनका कहना था कि ऐसी असफलताओं के बाद कप्तान पर बहुत दबाव बन जाता है और उन्हें टीम के हर सदस्य के लगातार प्रयास की ज़रूरत है. उधर कप्तान द्रविड़ का कहना था कि भारत की फ़ील्डिंग असफल रही. उनका कहना था कि गेंदबाज़ो ने कई अवसर पैदा किए लेकिन टीम उनका इस्ताल नहीं कर पाई. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत मैच बचा सकता है: ग्रेग चैपल31 जनवरी, 2006 | खेल 'मतभेदों को बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया'07 दिसंबर, 2005 | खेल युवाओं को मौक़ा देने की वकालत22 अक्तूबर, 2005 | खेल ग्रेग और गांगुली साथ काम करें: बोर्ड27 सितंबर, 2005 | खेल मतभेद सार्वजनिक होना दुर्भाग्यपूर्ण: चैपल25 सितंबर, 2005 | खेल इस तू-तू मैं-मैं के मायने25 सितंबर, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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