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'मतभेदों को बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच ग्रेग चैपल ने कहा है कि पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली को फिर से टीम में जगह मिलने पर उन्हें कोई समस्या नहीं है. उन्होंने बीबीसी से साक्षात्कार में कहा, "हमारे मतभेदों को मीडिया ने बढ़ा चढ़ा कर बताया." ज़िम्बाब्वे दौरे के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली और कोच चैपल के बीच मतभेद की ख़बरें आईं और बाद में ये मतभेद सार्वजनिक तौर पर भी सामने आए. उसके बाद गांगुली को कप्तान पद से हटा दिया गया और फिर टीम से ही बाहर कर दिया गया था. श्रीलंका के ख़िलाफ़ टेस्ट मैचों से गांगुली की टीम में वापसी हुई है. ग्रेग चैपल का कहना है कि दोनों ही एक साथ काम करके खुश है. 'चुनौतीपूर्ण' उनका कहना था कि भारत में क्रिकेट बहुत बड़ा खेल माना जाता है और भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता. चैपल ने बताया, " गांगुली इसी रवैये के साथ वापस लौटे हैं कि टीम में जगह बनाने के लिए जो ज़रूरी है वो किया जाए." लेकिन साथ ही चैपल ने आगाह किया कि इस बात पर नज़र रखी जाएगी कि टीम के प्रति गांगुली कितने निष्ठावान हैं. चैपल का कहना था कि सभी खिलाड़ियों की तरह टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा. उन्होंने कहा कि बात सिर्फ़ रन बनाने या विकेट लेने भर की नहीं है- बात एक खिलाड़ी के रूप में टीम में घुल मिल जाने की भी है. चैपल का कहना था कि अच्छी टीमें मिलजुल कर काम करती हैं और सब के मिजाज़ और व्यक्तित्व मेल खाते हैं. ग्रेग चैपल ने कहा कि तमाम विवदों को बावजूद उन्हें भारतीय टीम के कोच बनने के फ़ैसले पर कोई मलाल नहीं है. मई में टीम के कोच बनने वाले चैपल ने कहा कि कोच बनने के बाद काम करना एक चुनौती है. चैपल ने कहा," अगर ये काम आसान नहीं होता तो मैं कोच बनने में ज़्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाता." | इससे जुड़ी ख़बरें 'चैपल का इशारा' और 'विवाद को हवा'27 नवंबर, 2005 | खेल युवाओं को मौक़ा देने की वकालत22 अक्तूबर, 2005 | खेल राइट ने दोनों की आलोचना की28 सितंबर, 2005 | खेल ग्रेग और गांगुली साथ काम करें: बोर्ड27 सितंबर, 2005 | खेल इस तू-तू मैं-मैं के मायने25 सितंबर, 2005 | खेल चैपल ने अब महेंद्रा को चिट्ठी लिखी23 सितंबर, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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