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सच्चर रिपोर्ट संसद में पेश की गई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जस्टिस सच्चर समिति रिपोर्ट गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में पेश कर दी गई है. केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व की सही स्थिति का आकलन करने के लिए जस्टिस सच्चर समिति गठित की थी . प्रधानमंत्री ने न्यायधीश राजिंदर सच्चर के नेतृत्व में ये सात सदस्यीय समिति बनाई थी और रिपोर्ट 17 नवंबर 2006 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंप दी गई थी. पिछले दिनों इस रिपोर्ट के अंश अँगरेज़ी समाचारपत्र इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुए हैं जिनमें कहा गया है कि भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति अन्य पिछड़ी जातियों के लोगों की तुलना में बुरी है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार हालांकि देश में मुसलमानों की आबादी लगभग साढ़े पंद्रह प्रतिशत है वहीं सरकारी उच्च पदों में उनका प्रतिनिधित्व छह प्रतिशत से भी कम है. रिपोर्टों के मुताबिक चौदह ऐसे राज्य जहाँ मुसलमानों की संख्या अपेक्षाकृत ज़्यादा है वहां निचली अदालतों में उनका प्रतिशत आठ से भी कम है. मगर देश के कई राज्यों की जेलों में मुस्लिम क़ैदियों की संख्या लगभग तीस से चालीस प्रतिशत तक है. हाल में यूपीए सरकार के कुछ मंत्रियों ने भी मुसलमानों की स्थिति में सुधार के लिए आरक्षण की माँग रखी थी. भारत में मुसलमानों की आबादी कुल आबादी का करीब 15.4 प्रतिशत हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सच्चर रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी नौकरियों में 'पिछड़े' मुसलमान10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग के अधिकार बढ़ेंगे02 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'फ़तवा जबरन थोपा नहीं जा सकता'02 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मुस्लिम सैनिकों की गिनती नहीं चाहते'21 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सेना में मुसलमानों की गिनती पर हंगामा17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस न्याय से ही न्याय के लिए उठते सवाल20 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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