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मंगलवार, 21 फ़रवरी, 2006 को 19:24 GMT तक के समाचार
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'मुस्लिम सैनिकों की गिनती नहीं चाहते'

प्रणव मुखर्जी
प्रणव मुखर्जी ने ऐसे आकड़े होने से इनकार किया है
भारत सरकार ने सेना में मुसलमानों की गिनती और उनकी तादाद के आकड़ों के बारे में अपना रुख़ स्पष्ट कर दिया है.

रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने राज्यसभा में मंगलवार को दिए गए एक बयान में कहा कि सरकार सेना में ऐसी गिनती के पक्ष में नहीं है लेकिन सरकार के अन्य विभागों में ऐसी गिनती होगी ताकि मुसलमानों की शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का पता लगाया जा सके.

रक्षा मंत्री का कहना था कि सरकार सेना का ग़ैर राजनीतिक और धर्मनिरपेक्ष चरित्र बनाए रखना चाहती है और इसीलिए सच्चर कमेटी अब अपनी रिपोर्ट में से सेना को अलग रखेगी.

उन्होंने कहा कि सेना में धर्म, जाति या क्षेत्र के आधार पर नौकरियाँ नहीं दी जाती हैं और इन सब के बारे में कोई आंकड़ा नहीं रखा जाता है.

रक्षा मंत्री मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि सरकार मुसलमानों से संबंधित कुछ आंकड़े जुटा रही है ताकि भविष्य में समाज में उनका ओहदा ऊँचा करने के लिए कुछ योजनाएँ बन सकें.

 मुखर्जी ने यह बयान राजनीतिक दबाव में दिया है. सरकार भले ही सेना में ऐसी गिनती न करे पर उनके पास इस तरह के आंकड़े हैं. पूर्व की सरकारों ने इस तरह के कई आदेश जारी किए हैं
अब्दुल रहीम कुरैशी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

पिछले कुछ दिनों में जब से सच्चर समिति का गठन हुआ है, सेना में मुसलमानों की गिनती को लेकर ख़ासी राजनीति हो रही है.

यह बयान आने के बाद आल इंडिया मुसलिम पर्सनल ला बोर्ड के सचिव अब्दुल रहीम कुरैशी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "मुखर्जी ने यह बयान राजनीतिक दबाव में दिया है. सरकार भले ही सेना में ऐसी गिनती न करे पर उनके पास इस तरह के आकड़े हैं. पूर्व की सरकारों ने इस तरह के कई आदेश जारी किए हैं."

उन्होंने कहा, "यह बिल्कुल साफ़ है कि कई विभागों में मुसलमानों की नियुक्ति उनकी योग्यता के आधार पर नहीं होती. ख़ासकर ऐसे विभाग, जिन्हें संवेदनशील माना जाता है."

आपत्ति

सेना में मुसलमानों की गिनती को लेकर सबसे अधिक आपत्ति भारतीय जनता पार्टी ने उठाई थी और संसद में इसे लेकर कई सवाल उठाए गए थे.

 मजहब के आधार पर गिनती नहीं होनी चाहिए, फिर चाहे वह कोई भी विभाग हो. इससे राष्ट्रीय़ एकता को ख़तरा है. सरकार के पास जनगणना के तहत तो ऐसे आंकड़े मौजूद हैं. किसी को भी धर्म के आधार पर कोई फ़ायदा देने का हम विरोध करते हैं क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है
प्रकाश जावड़ेकर, प्रवक्ता-भारतीय जनता पार्टी

मुखर्जी के बयान के बारे में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने बीबीसी से कहा, "मजहब के आधार पर ग़िनती नहीं होनी चाहिए, फिर चाहे वह कोई भी विभाग हो. इससे राष्ट्रीय़ एकता को ख़तरा है. सरकार के पास जनगणना के तहत तो ऐसे आंकड़े मौजूद हैं. किसी को भी धर्म के आधार पर कोई फ़ायदा देने का हम विरोध करते हैं क्योंकि भारत एक धर्म-निरपेक्ष राष्ट्र है."

जावडेकर का कहना था कि कांग्रेस ब्रितानी सरकार की 'फूट डालो, शासन करो' की नीति पर चल रही है और बार-बार मजहब का नाम लाने पर आम जनता में भी मुसलमानों के प्रति एक शंका का माहौल बनने लगता है.

संसद में समाजवादी पार्टी के सांसद अबू आज़मी और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद रामदेव भंडारी ने सेना में मुसलमानों के सर्वेक्षण का समर्थन किया था जबकि वामपंथी दलों ने इसका विरोध किया था.

उधर इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिस पर छह मार्च को सुनवाई होने वाली है.

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