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अल्पसंख्यक आयोग के अधिकार बढ़ेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घोषणा की है कि भारत के अल्पसंख्यक आयोग को और अधिकार दिए जाएँगे. इनमें सांप्रदायिक हिंसा और अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले भेदभाव के मामलों की जाँच करने का अधिकार शामिल होगा. प्रांतीय अल्पसंख्यक आयोगों के अध्यक्षों के साथ बैठक में उन्होंने इसकी घोषणा की है. प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के लिए जल्दी ही एक विधेयक पारित किया जाएगा. मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए जो कार्यक्रम चलाए गए हैं उनका पूरा लाभ अल्पसंख्यक समुदाय तक नहीं पहुँच पाया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक बहुत इलाक़ों में नए स्कूल खोलने की एक विशेष योजना चलाई जाएगी. मनमोहन सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यकों और ख़ास तौर पर, अल्पसंख्यक महिलाओं के पिछड़े होने की वजह शिक्षा और शिक्षण संस्थाओं का अभाव है. केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व की सही स्थिति का आकलन करने के लिए जस्टिस सच्चर समिति गठित की थी जिसकी रिपोर्ट जल्द ही सामने आने वाली है. पिछले दिनों इस रिपोर्ट के अंश अँगरेज़ी समाचारपत्र इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुए हैं जिनमें कहा गया है कि भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति अन्य पिछड़ी जातियों के लोगों की तुलना में कहीं अधिक बुरी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कांग्रेस अल्पसंख्यक तुष्टिकरण छोड़े'04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सेना में मुसलमानों की गिनती पर हंगामा17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यकों के लिए 15 सूत्री कार्यक्रम16 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस एएमयू में मुसलमानों को आरक्षण नहीं05 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सांप्रदायिक सदभाव के लिए क़ानून बनेगा31 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'अल्पसंख्यकों की चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट'08 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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