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गुरुवार, 30 नवंबर, 2006 को 14:46 GMT तक के समाचार
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एचआईवी-एड्स पर बिल क्लिंटन की पहल
बिल क्लिंटन-फ़ाइल फ़ोटो
क्लिंटन एचआईवी-एड्स ख़त्म करने की मुहिम में लगे हैं.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने गुरूवार को दो भारतीय दवा कंपनियों के साथ एक समझौते की घोषणा की जिसके तहत एचआईवी और एड्स से ग्रस्त बच्चों के लिए दवाइयाँ सस्ती दरों पर उपलब्ध होगीं.

इस अनुबंध के बाद ऐसे बच्चों के लिए जीवनरक्षक दवाइयों को पूरी दुनिया में आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा.

बिल क्लिंटन ने यह घोषणा विश्व एड्स दिवस - एक दिसंबर से पहले दिल्ली के कलावती सरन अस्पताल में एचआईवी-एड्स से ग्रसित बच्चों के लिए भारत सरकार के एक नए कार्यक्रम के शुभारंभ पर की.

क्लिंटन फ़ाउंडेशन के अनुसार भारत की दो दवा कंपनियाँ, सिपला लिमिटेड और रैनबैक्सी इस बात पर सहमत हो गईं हैं कि वो एचआईवी और एड्स से प्रभावित बच्चों को दी जाने वाली एंटीरेट्रोविरल फ़ॉरम्यूलेशन्स यानी एआरवी की आपूर्ति आठ रूपए प्रति दिन या 2900 रूपए वार्षिक की दर से करेगें.

समझौते के अनुसार ये दोनो कंपनियाँ 19 एआरवी फॉरम्यूलेशन्स की आपूर्ति करेंगे जिनका दाम विकासशील देशों में उपलब्ध इन रोगों की सबसे कम कीमत की दवाओं से भी क़रीब 45 प्रतिशत कम होगा.

बच्चों की चिंता

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, "दुनिया भर में एचआईवी-एड्स से ग्रसित युवाओं के इलाज़ में तो प्रगति हुई है लेकिन बच्चों के इलाज में हम पीछे छूट गए हैं. इस तरह का इलाज चाहने वाले 10 में से केवल एक बच्चे को ही दवा मिल पा रही है."

 दुनिया भर में एचआईवी-एड्स से ग्रसित युवाओं के इलाज में तो प्रगति हुई है लेकिन बच्चों के इलाज़ में हम पीछे छूट गए हैं. इस तरह का इलाज़ चाहने वाले दस में से केवल एक बच्चे को ही दवा मिल पा रही है.
बिल क्लिंटन, पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति

इस साल ज़नवरी में क्लिंटन ने युवाओं के लिए एड्स निरोधी दवाओं और ज़ल्द एचआईवी टेस्ट के लिए दामों में कटौती के लिए एक करार किया था. सौदे में कई भारतीय कंपनियाँ भी शामिल थीं.

क्लिंटन फ़ाउंडेशन एचआईवी एड्स इनीशिएटिव ने यह भी कहा कि यूनिटेड नामक संगठन- जिसे फ्रांस, ब्राज़ील, चिली, नॉर्वे और ब्रिटेन जैसे देशों ने स्थापित किया है, इस कार्यक्रम को वित्तीय सहयोग देगा.

सौदे के तहत यूनिटेड क़रीब 158 करोड़ और क्लिंटन का संगठन क़रीब 68 करोड़ रूपए की सहयोग राशि देगा जिससे वर्ष 2007 में 62 देशों के एचआईवी-एड्स से ग्रसित लगभग 10000 बच्चों को इलाज की सुविधा दी जा सकेगी.

भारत में एचआईवी पॉज़िटिव लोगों की संख़्या क़रीब 57 लाख है जो विश्व में सबसे अधिक है.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत सहित कंबोडिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया की यात्रा पर हैं. दो साल पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने क्लिंटन को सुनामी प्रभावित इन देशों में अपना विशेष राजदूत बनाया था.

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