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दो पूर्व राष्ट्रपति सूनामी प्रभावित देशों में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के दो पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सीनियर और बिल क्लिंटन सूनामी प्रभावित इलाक़ों के लिए लिए सहायता राशि जुटाने की कोशिशों के तहत थाईलैंड पहुँच गए हैं. व्हाइट हाउस की अपील पर दोनों पूर्व राष्ट्रपति सूनामी प्रभावित देशों का दौरा कर रहे हैं. उनका पहला पड़ाव था दक्षिण पश्चिमी थाईलैंड का सबसे प्रभावित इलाक़ा बान नाम खेम गाँव. सूनामी लहरों की विनाशलीला में इस गाँव की आधी आबादी नष्ट हो गई थी. इस गाँव में पहले चरण में दो सौ नए घर बनाए जा रहे हैं जिनका जॉर्ज बुश सीनियर और बिल क्लिंटन निरीक्षण किया. उसके बाद दोनों पूर्व राष्ट्रपति फुकेत गए और मारे गए लोगों की याद में बनाए गए स्मारक पर फूल चढ़ाया. फ़ुकेत में थाईलैंड के विदेश मंत्री सुराकियर्त साथीरथई ने उनका स्वागत किया. बिल क्लिंटन ने कहा, "मैं यह देखना चाहता हूँ कि क्या हो रहा है. मैं यहाँ लोगों को धन्यवाद देने आया हूँ और यह भी देखने आया हूँ कि यहाँ और क्या हो सकता है." मुलाक़ात बान नाम खेम में बिल क्लिंटन और बुश सीनियर ने उन बच्चों से मुलाक़ात की, जो सूनामी के कारण अनाथ हो गए हैं. दोनों पूर्व राष्ट्रपतियों ने वहाँ मछुआरो से भी मुलाक़ात की जिनकी जीविका सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई है. उन्होंने वहाँ राहत कार्यों में लगे लोगों का आभार व्यक्त किया और उम्मीद व्यक्त की कि जल्द ही यहाँ एक बार फिर बड़ी संख्या में पर्यटक नज़र आएँगे. थाईलैंड के प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद जॉर्ज बुश सीनियर और बिल क्लिंटन इंडोनेशिया, श्रीलंका और मालदीव का दौरा करेंगे. अमरीकी जनता ने सूनामी राहत के लिए लाखों डॉलर देने की पेशकश की है. ये दोनों पूर्व राष्ट्रपति व्हाइट हाउस को ये भी सलाह देंगे कि कैसे इस सहायता राशि को ख़र्च किया जाए. सूनामी प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के क्रम में अमरीका के दोनों पूर्व राष्ट्रपति वहाँ चलाए जा रहे राहत कार्यों की भी समीक्षा करेंगे. |
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