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पूर्वी सीमा पर जवानों की तैनाती बढ़ेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) ने बांग्लादेश से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवानों की संख्या बढ़ाने का फ़ैसला किया है. ये जवान कश्मीर से पूर्वी सीमा पर जाएँगे. बीएसएफ़ के महानिदेशक एके मित्रा ने बताया कि 15 बटालियनों यानी 15 हज़ार जवानों को पाकिस्तान से लगी सीमा से हटा कर पूर्वी सीमा पर तैनात किया जाएगा. इस फ़ैसले का मुख्य कारण भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव बढ़ना है. एके मित्रा ने कहा कि जहाँ कश्मीर में घुसपैठियों की संख्या कम हो रही है वहीं पूर्वी सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है. उनका कहना है कि बांग्लादेश में होने वाले चुनाव और वहाँ से 'आतंकवाद के आयात' को देखते हुए पूर्वी सीमा पर गश्त बढ़ाना ज़रूरी है. हालाँकि मित्रा ने कहा कि अतिरिक्त जवानों के भेजने से बांग्लादेश की सीमा से भारत में घुसपैठ में कमी आई है. उन्होंने बताया कि सीमा पर ड्यूटी करने वाले जवानों को अत्याधुनिक उपकरण और हथियार दिए गए हैं. बीएसएफ़ की ग़ैर मौजूदगी में पश्चिमी सीमा की सुरक्षा चाक चौबंद रखने की ज़िम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ की होगी. ग़ौरतलब है कि बांग्लादेश में 21 दिसंबर को चुनाव कराने कीषणा की गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें ग्रामीण बैंक को नोबेल पर लंदन में ख़ुशी14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश के बैंक को नोबेल शांति पुरस्कार13 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत ने अलगाववादियों की सूची सौंपी30 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'आतंकवादी' केंद्र नष्ट किए जाएँ-राजनाथ13 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विपक्ष की 36 घंटे की हड़ताल13 जून, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीका की सार्क में दिलचस्पी31 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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