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भारत ने उत्तर कोरियाई जहाज़ को रोका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने ईरान जा रहे उत्तर कोरिया के एक मालवाहक जहाज़ को बंधक बना लिया है. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के चलते ये कार्रवाई की गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह जहाज़ पूरी तरह खाली था और इसी से संदेह पैदा हुआ. वैसे भी उत्तर कोरिया और ईरान के बीच भारतीय समुद्री सीमा से जहाज़ों का आना जाना बिरले ही होता है. ग़ौरतलब है कि परमाणु परीक्षण करने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर असैनिक प्रतिबंध लगाया हुआ है. इसके तहत संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से कहा गया है कि वे उत्तर कोरिया से आने-जाने वाले जहाज़ों पर निगाह रखें ताकि आणविक और जैविक हथियारों की अवैध तस्करी न हो सके. कार्रवाई भारतीय अधिकारियों के मुताबिक 45 मीटर लंबे उत्तर कोरियाई जहाज़ और इसके चालक दल को पिछले हफ़्ते हिरासत में लिया गया है. चालक दल के सदस्यों से मुंबई बंदरगाह पर पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जहाज़ से जुड़े दस्तावेज ठीक हैं लेकिन चालक दल के सदस्य इस बात का संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं कि खाली जहाज़ लंबी यात्रा पर क्यों था. भारतीय अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जहाज़ का इस्तेमाल उत्तर कोरिया या ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सामानों के परिवहन के लिए तो नहीं हो रहा था. इससे पहले 1999 में पाकिस्तान जा रहे उत्तर कोरियाई जहाज़ को भारत के पश्चिमी तट पर पकड़ा गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया के साथ बातचीत पर सहमति31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना बान की-मून चीन के दौरे पर27 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना प्रतिबंध पर चीन-अमरीका में चर्चा20 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरियाई नेता से मिल रहे हैं चीनी दूत 19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'जापान-दक्षिण कोरिया की रक्षा करेंगे'18 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना चीन से प्रतिबंध लागू करने की अपील15 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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