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अफ़ज़ल गुरू ने की क्षमादान की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हमले की साज़िश में सहयोग करने के दोषी ठहराए गए मोहम्मद अफ़ज़ल गुरू ने राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से क्षमादान की अपील की है. मोहम्मद अफ़ज़ल गुरू को इस मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई है. अफ़ज़ल गुरू की पत्नी ने पहले ही राष्ट्रपति से मिलकर सज़ा माफ़ करने की गुहार लगाई है. लेकिन अब अफ़ज़ल गुरू ने ख़ुद राष्ट्रपति से अपील की है. तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बीबीसी को ये जानकारी दी है. अफ़ज़ल गुरू इस समय तिहाड़ जेल में ही बंद हैं. तिहाड़ जेल के एक प्रवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि जेल प्रशासन को अफ़ज़ल गुरू की ये याचिका मिल गई है. याचिका उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन पहले इसे गृह मंत्रालय को भेजेगा जहाँ से ये याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी. अफ़ज़ल गुरू के वकील एनडी पंचोली का कहना है कि अफ़ज़ल गुरू की ख़ुद की याचिका से उनका केस मज़बूत होगा. पंचोली ने कहा कि पहले ऐसी बातें फैल रही थी कि अफ़ज़ल ने याचिका नहीं दायर की है. उन्होंने बताया कि अफ़ज़ल नासमझी में ये मान रहे थे कि क्षमादान की याचिका का मतलब है अपना गुनाह स्वीकार करना. इसी कारण अफ़ज़ल ने ख़ुद याचिका नहीं दायर की थी. अफ़ज़ल के वकील ने यह भी जानकारी दी कि इस याचिका में अफ़ज़ल ने यह भी बताया है कि मुक़दमे के दौरान उन्हें अपनी पसंद का वकील नहीं मिल पाया. पहले अफ़ज़ल गुरू को 20 अक्तूबर को फाँसी दी जानी थी. लेकिन अब यह टल गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अफ़ज़ल को माफ़ी की माँग नहीं की'31 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल को फाँसी दिया जाना टला 19 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल मामले में निगाहें अब राष्ट्रपति पर 19 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'सज़ा माफ़ी गुण-दोष के आधार पर ही'11 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मोहम्मद अफ़ज़ल की फाँसी माफ़ न हो'10 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'फाँसी शांति प्रक्रिया के हक़ में नहीं'08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस फाँसी की सज़ा बरकरार रखने की अपील08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल के परिजनों की फ़रियाद05 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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