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फाँसी की सज़ा बरकरार रखने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संसद में विपक्ष की भूमिका निभा रही भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति से संसद पर हमले के मामले में अफ़ज़ल को फाँसी की सजा बरकरार रखने की माँग की है. भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है, "इस दलील का कोई मतलब नहीं है कि अभियुक्त (अफ़ज़ल) ने खुद गोली नहीं चलाई और उसे इस आधार पर माफ़ी मिलनी चाहिए. इंदिरा गाँधी की हत्या के मामले में केहर सिंह ने गोली नहीं चलाई थी लेकिन साजिश का सूत्रधार होने के कारण उसे फाँसी मिली." भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद कहा कि अफ़ज़ल को क्षमादान का कोई आधार नहीं है. उन्होंने कहा, "अभियुक्त ने अपने कृत्य पर कोई पाश्चाताप भी नहीं दिखाया है. क्षमादान की याचिका भी अभियुक्त की ओर से दाखिल नहीं की गई. संभव है, वो सोंचते हैं कि उन्हें भारत के संविधान के समक्ष घुटने नहीं टेकने चाहिए." संसद में विपक्ष के नेता आडवाणी ने कहा कि भाजपा को लगता है कि वोट बैंक की राजनीति सरकार को इस मामले पर कोई बयान देने से रोक रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर यूपीए की चुप्पी देश को दो धरों में 'बाँट रही है'. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ज़ल के परिजनों की फ़रियाद05 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल की फाँसी का दिल्ली में विरोध04 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मृत्यु दंड लोकतंत्र के भविष्य के लिए धक्का'04 अक्तूबर, 2006 | आपकी राय 'क़ानून की प्रक्रिया को पंगु बनाने की कोशिश'04 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस वादी से फाँसी के तख़्ते तक का सफ़र03 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत प्रशासित कश्मीर में हड़ताल29 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल के समर्थन में कश्मीर में प्रदर्शन27 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ज़ल को 20 अक्तूबर को फाँसी होगी26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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