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फिर शुरू होगा सीलिंग अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने बुधवार से दिल्ली के रिहायशी इलाक़ों में सीलिंग अभियान फिर से शुरू करने का फ़ैसला किया है. उधर व्यापारियों ने भी आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है और कहा है कि वे कोई भी दुकान सील नहीं होने देंगे. मंगलवार को दिल्ली बंद के दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प में कुछ लोग घायल हो गए. इस बीच दिल्ली विधानसभा ने सीलिंग के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित कर इसे केंद्र सरकार को सौंपने का फ़ैसला किया है. सीलिंग सीलिंग पर गठित सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने मंगलवार को हुई बैठक में फ़ैसला किया कि रिहायशी इलाक़ों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी. उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीलिंग बंद करने संबंधी सभी याचिकाएँ निरस्त कर दी थी और साफ़ किया था कि कोई भी व्यक्ति डरा धमका कर सीलिंग नहीं रोक सकता. केंद्र सरकार की ओर से गठित मंत्री समूह ने भी कहा है कि अदालत के फ़ैसले को लागू किया जाएगा. इस बीच दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने बीबीसी को बताया कि दिल्ली विधानसभा ने मंगलवार को सीलिंग पर एक प्रस्ताव पारित किया है जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा.
उन्होंने कहा, "हमारी भरसक कोशिश है कि यह टकराव रुक जाए. हम किसी तरीके से इस समस्या के समाधान की कोशिश कर रहे हैं." दूसरी ओर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि उनकी पार्टी कारोबारियों के आंदोलन को समर्थन देना जारी रखेगी. उन्होंने कहा, "सरकार दरअसल कारोबारियों को बरगला रही है. सरकार के पास शहरी योजना की कोई ठोस नीति नहीं है. इसीलिए आज ये स्थिति आई है." हिंसा व्यापारियों के दिल्ली बंद के दौरान मंगलवार को राजधानी में फिर हिंसा हुई. विकास मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने लगभग छह बसों में आग लगा दी और हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रहे पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. पुलिस के मुताबिक सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और हिंसा फैलाने के आरोप में लगभग एक हज़ार लोगों को हिरासत में लिया गया है. उधर अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ के दिल्ली में महासचिव नरेंद्र मदान ने बीबीसी को बताया कि उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा, "हम बुधवार से बंद का आह्वान नहीं कर रहे हैं लेकिन एक भी दुकान को सील नहीं होने देंगे. चाहे इसके लिए जो करना पड़े. सारे व्यापारी कल से दिल्ली की सड़कों पर नज़र आएँगे." नरेंद्र मदान कहते हैं, "हमने सभी अधिकारियों और नेताओं से बात करने की कोशिश की लेकिन कोई नहीं सुनता. अब आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं है." | इससे जुड़ी ख़बरें सीलिंग के ख़िलाफ़ फिर दिल्ली बंद 07 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में सीलिंग जारी रखने का आदेश 06 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में सीलिंग जारी रहेगी: सुप्रीम कोर्ट06 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीलिंग अभियान पर फिलहाल रोक 01 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में दो नवंबर से सीलिंग के निर्देश31 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के दुकानदारों को राहत नहीं मिली18 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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