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सीलिंग अभियान पर फिलहाल रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने मौजूदा हालात में राजधानी दिल्ली में सीलिंग अभियान गुरुवार को दोबारा शुरू नहीं करने का फ़ैसला किया है. यह फ़ैसला पिछले तीन दिनों के बंद के दौरान उपजी तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए लिया गया है. इसस पहले निगरानी समिति ने दो नवंबर से दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी को फिर से सीलिंग अभियान शुरू करने का आदेश दिया था. सीलिंग नहीं शुरू करने का फ़ैसला निगरानी समिति, एमसीडी आयुक्त एके निगम और दिल्ली सरकार के अधिकारियों के बीच चार घंटे चली मैराथन बैठक के बाद लिया गया. बैठक के बाद एमसीडी के प्रवक्ता दीप माथुर ने कहा, "निगरानी समिति ने कल (गुरुवार) से सीलिंग दोबारा शुरू नहीं करने का फ़ैसला किया है." हालाँकि ये अभियान कब से शुरू होगा, इस सवाल का जवाब उन्होंने नहीं दिया. बैठक इससे पहले सीलिंग के मामले पर गृह मंत्री शिवराज पाटिल की अध्यक्षता में मंत्री समूह की बैठक हुई. बैठक के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री डॉक्टर जयपाल रेड्डी ने कहा, "दिल्ली में स्थिति बहुत ही तनावपूर्ण और नाज़ुक है और ऐसे में सरकार गुरूवार से सीलिंग का काम शुरू करने की इच्छुक नहीं है." सीलिंग के मामले पर नज़र रखने के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने मंगलवार को दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया था कि वह दो नवंबर से सीलिंग का काम दोबारा शुरू करे. जयपाल रेड्डी ने बताया कि दिल्ली नगर निगम और उनका मंत्रालय कल सुप्रीम कोर्ट को स्थिति से अवगत कराएगा. शहरी विकास मंत्री ने उम्मीद प्रकट की कि "सब कुछ सुनियोजित तरीक़े से हो जाएगा." इस बीच अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि गुरुवार को दिल्ली के बाज़ार खुल जाएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली में दो नवंबर से सीलिंग के निर्देश31 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली बंद दूसरे दिन भी जारी30 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस बंद के पहले दिन जनजीवन प्रभावित30 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली बंद, सड़कों पर उतरे व्यापारी29 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीलिंग पर पुनर्विचार याचिका का फ़ैसला28 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के दुकानदारों को राहत नहीं मिली18 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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