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'मदरसा आतंकवादी केंद्र नहीं था' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में एक मदरसे पर हुए हमले में बच निकले लोगों का कहना है कि वहाँ कोई आतंकवादी प्रशिक्षण केंद्र नहीं चल रहा था. ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी फौज ने अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे बाजौड़ में एक मदरसे पर हवाई हमला किया था जिसमें लगभग 80 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि वहाँ चरमपंथियों को प्रशिक्षण मिल रहा था और हमले में सिर्फ़ चरमपंथी ही मारे गए. मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वाच ने इस घटना की स्वतंत्र जाँच कराने की माँग की है. आरोप मदरसे पर हुए हमले में सिर्फ़ तीन लोग ही जिंदा बच पाए. इनमें से एक सईद वली ने बीबीसी को बताया कि सुबह सुबह सभी लोग नमाज़ की तैयारी कर रहे थे तभी ज़ोरदार विस्फ़ोट हुआ. उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि मदरसे के प्रिंसिपल से मिलने अलक़ायदा के लोग आते थे. हालाँकि सईद वली ने ये माना कि प्रिंसिपल तालेबान की तारीफ़ किया करते थे. हमले में जीवित निकले नूर रहमान का चेहरा बुरी तरह झुलस चुका है और अबु बकर अपने दोनों पैर खो चुके हैं. इन तीनों लोगों का इलाज़ पेशावर के एक निजी अस्पताल में हो रहा है. इस घटना के बाद मंगलवार को उस इलाक़े में हज़ारों क़बायली लोगों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया था. न्यूयॉर्क स्थित ह्मूमन राइट्स वाच का कहना है कि हमले में काफ़ी लोग मारे गए हैं, इसलिए सरकार को घटना की जाँच करानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें मुशर्रफ़ का दावा: केवल चरमपंथी मारे गए01 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मदरसों की कमान महिलाओं के हाथ01 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मदरसों में बढ़ती हिंदू छात्रों की संख्या31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस बंगाल के मदरसों से 'पाकिस्तान को सबक'28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मिरान शाह के पास मदरसा गिराया गया15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस छात्रों को निकालने से इनकार28 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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