|
हमले के बाद नॉर्वे के दूत श्रीलंका में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले में सौ से ज़्यादा लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद, सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच मध्यस्थता में सक्रिय नॉर्वे के दूत यून हैनसन-बार दोबारा श्रीलंका पहुँचे हैं. एक हफ़्ता पहले उनकी मध्यस्थता के बाद सरकार और तमिल विद्रोहियों ने जीनेवा में बातचीत करने पर सहमति जताई थी. वे इस महीने के अंत में दोनो पक्षों में बीच होने वाली चर्चा पर विस्तार से बातचीत करने के लिए वहाँ पहुँचे हैं. लेकिन इस बीच श्रीलंका में हुई हिंसा में दो सौ लोग मारे गए हैं और उनमें से अधिकतर नौसैनिक हैं. सोमवार को श्रीलंका में सेना के काफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 103 लोग मारे गए थे. मृतकों में अधिकतर नौसैनिक थे. सरकार ने तमिल विद्रोहियों को दोषी ठहराया है और विद्रोहियों ने भी इसका खंडन नहीं किया है. महत्वपूर्ण ये है कि इस पूरी हिंसा के बावजूद दोनों पक्षों ने जीनेवा में बातचीत करने पर सहमति जताई है. बीबीसी संवाददाता डमीथा लूथ्रा का कहना है कि लगता है कि दोनों पक्षों ने फ़ैसला कर लिया है कि हिंसा भी जारी रहेगी और बातचीत भी. हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने उम्मीद जताई थी कि बातचीत से पहले हिंसा और ख़ून-ख़ाराबा रुक जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका के 43 सैनिक मारे गए12 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका लड़ाई में 151 की मौत12 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका में फिर भीषण युद्ध छिड़ा11 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेना-तमिल विद्रोहियों में फिर संघर्ष07 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में 70 तमिल विद्रोही मारे गए'25 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई हमले में चार जवान मारे गए 19 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में ग्यारह मुसलमानों की हत्या18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||